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स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर संसद में टकराव, विपक्ष का आरोप—सदन में माइक्रोफोन तक किया जा रहा ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल

नई दिल्ली में चल रहे संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में स्पीकर Om Birla को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Jawed ने पेश किया था।

चर्चा की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने इस बात पर सवाल उठाया कि स्पीकर द्वारा चुने गए पैनल ऑफ चेयरपर्सन में से कोई सदस्य सदन की कार्यवाही कैसे चला सकता है। इस दौरान कांग्रेस के नेता K. C. Venugopal और Gaurav Gogoi ने यह मुद्दा भी उठाया कि लोकसभा में अभी तक डिप्टी स्पीकर का पद खाली है।

सबसे पहले इस मुद्दे को Asaduddin Owaisi ने उठाया, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

विपक्ष का आरोप: संसद में माइक्रोफोन भी ‘हथियार’ बन गया

बहस के दौरान गौरव गोगोई ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद में अब माइक्रोफोन तक को “हथियार” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप था कि सत्ता पक्ष के सांसदों को आसानी से बोलने का मौका मिल जाता है, लेकिन विपक्षी नेताओं खासकर लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi को बोलने नहीं दिया जाता और उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया जाता है।

इस पर सदन की कार्यवाही संभाल रहे बीजेपी सांसद Jagdambika Pal ने इन आरोपों को निराधार बताया। हालांकि विपक्ष लगातार अपनी बात पर अड़ा रहा और आरोप लगाता रहा कि उन्हें कई अहम मुद्दे उठाने का मौका नहीं दिया गया।

गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख M. M. Naravane की किताब से जुड़े विवाद और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का भी जिक्र किया।

राज्यसभा में भी हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

उधर Rajya Sabha में भी माहौल काफी गरम रहा। विपक्षी सांसदों ने कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) को लेकर सवाल उठाए, लेकिन सभापति C. P. Radhakrishnan ने इसे चर्चा के लिए स्वीकार नहीं किया।

विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने इस प्रक्रिया को “फ्रॉड” बताया, जिसके बाद सदन में हंगामा और बढ़ गया। कुछ देर तक नारेबाजी और तख्तियां दिखाने के बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

इस पर सदन के नेता J. P. Nadda ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।

पश्चिम एशिया युद्ध पर भी संसद में टकराव

सोमवार को भी संसद में ज्यादा कामकाज नहीं हो सका था। केवल विदेश मंत्री S. Jaishankar ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार के प्रयासों पर बयान दिया था।

उन्होंने बताया कि सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम कर रही है और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर भी नजर रखी जा रही है।

हालांकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन किया। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju और जे.पी. नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा।

लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और दिन का अधिकांश समय शोर-शराबे में ही निकल गया।

news desk

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