नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में बुधवार को लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार ध्वनिमत से गिर गया और खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सदन में कई बार शोर-शराबा और नारेबाजी का माहौल बन गया।
यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammad Javed की ओर से पेश किया गया था, जिस पर 118 से अधिक विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर बताए गए। विपक्ष का आरोप था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं और कई मौकों पर विपक्ष के नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने स्पीकर का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने हमेशा नियमों के तहत सदन को चलाने की कोशिश की है और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
शाह के इस बयान के बाद विपक्षी सांसद भड़क उठे और वेल में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने “अमित शाह माफी मांगो” के नारे लगाते हुए विरोध जताया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को कई बार बोलने का मौका नहीं दिया गया। हालांकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
आखिरकार ध्वनिमत से प्रस्ताव गिर गया और इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।