लखनऊ/नोएडा। नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भड़की हिंसा ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सोमवार को फेज-2 इलाके में पुलिस वैन को पलटने और आगजनी की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए इसे केवल एक श्रमिक आंदोलन नहीं, बल्कि एक गहरी ‘साजिश’ के रूप में देखा है।
नोएडा के फेज-2 में हुए उग्र प्रदर्शन के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ करते और पथराव करते दिख रहे हैं। पुलिस ने अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर माहौल बिगाड़ने वाले ‘अराजक तत्वों’ की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जो श्रमिक काम पर लौटना चाहते हैं, उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी ने दोहराया है कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं होगा।
सम्मानजनक मानदेय: प्रशासन ने उद्योगपतियों को श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करने और सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कंट्रोल रूम: मजदूरों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए जिला प्रशासन ने विशेष टीमें गठित की हैं जो सीधा यूनिट लेवल पर जाकर संवाद करेंगी।
प्रशासन अब दो मोर्चों पर काम कर रहा है—एक तरफ वास्तविक श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करना और दूसरी तरफ आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वाले बाहरी तत्वों पर शिकंजा कसना।
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