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आज साल का अंतिम दिन है और लोग साल 2026 के जश्न की तैयारी में जुटे हुए हैं। नए साल के पहले दिन के स्वागत को लेकर खास तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इस बीच लोगों के जश्न में खलल पड़ सकता है।
दरअसल, ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकइट, ज़ेप्टो, फ्लिपकार्ट, बिगबास्केट और अमेज़न जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गिग वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
ऐसे में न्यू ईयर ईव के जश्न पर असर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। अगर यह हड़ताल होती है, तो इसका सीधा और गहरा असर आम लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि इस दिन फूड, ग्रॉसरी और अन्य ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की मांग आम दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा होती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिलीवरी पार्टनर्स अपनी लगातार गिरती कमाई, असुरक्षित 10-मिनट डिलीवरी मॉडल, सामाजिक सुरक्षा की कमी और एल्गोरिदम के दबाव के चलते इस तरह का बड़ा कदम उठाने को मजबूर हैं। यूनियनों का दावा है कि इस देशव्यापी हड़ताल में लाखों गिग वर्कर्स शामिल हो सकते हैं।
यदि ऐसा होता है, तो कई बड़े शहरों में फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।गिग वर्कर्स का कहना है कि 10 से 20 मिनट के डिलीवरी मॉडल के कारण कामगारों पर अत्यधिक और खतरनाक दबाव बनाया जाता है, जिससे सड़क हादसों का जोखिम बढ़ जाता है।
उनका आरोप है कि डिलीवरी में जरा-सी देरी की जिम्मेदारी पूरी तरह डिलीवरी एजेंट पर डाल दी जाती है। वहीं, एल्गोरिदम के आधार पर मिलने वाले दंड और आईडी ब्लॉकिंग जैसी कार्रवाई से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।
कुल मिलाकर, इस हड़ताल के चलते लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नए साल के जश्न के दौरान लोग बड़ी संख्या में ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, खासकर खाने-पीने की चीजों की मांग इस दिन सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक होती है।
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