“हँसी बिखेरना आसान है, लेकिन बिना अनुमति हँसाना महँगा पड़ सकता है”यही साबित करता है हालिया विवाद, जिसमें ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो की एक झलक ने 25 करोड़ का बवंडर खड़ा कर दिया है. नेटफ्लिक्स पर प्रसारित कपिल शर्मा के शो के एक एपिसोड में कॉमेडियन कीकू शारदा ने ‘हेरा फेरी’ के आइकोनिक किरदार बाबूराव गणपत राव आप्टे का मजाकिया रूप धारण किया.यह महज़ एक एक्ट था, लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब हेरा फेरी के निर्माता फिरोज़ ए. नदियाडवाला ने इसे कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन बताते हुए ₹25 करोड़ का लीगल नोटिस भेज डाला .
फिरोज़ ए. नदियाडवाला का कहना है बाबूराव सिर्फ किरदार नहीं, एक ट्रेडमार्क है. इस केस की दिलचस्प बात यह है कि नदियाडवाला का दावा सिर्फ भावनात्मक नहीं, कानूनी रूप से मजबूत भी है.उनका कहना है : “बाबूराव, फिल्म हेरा फेरी की आत्मा है.इसे बिना अनुमति कॉमेडी में इस्तेमाल करना उस विरासत का अपमान है.”
उनके वकीलों ने नोटिस में तीन अहम कानूनी बिंदुओं को उठाया:
- कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 51 के तहत उल्लंघन
- ट्रेडमार्क एक्ट, 1999 की धारा 29 के तहत किरदार की छवि का अवैध उपयोग और अंततः, किरदार का व्यावसायिक लाभ के लिए अनुचित उपयोग.
- कीकू शारदा या शो के किसी कलाकार ने अब तक इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार नेटफ्लिक्स लीगल टीम सक्रिय रूप से मामले का अध्ययन कर रही है.
अनुमान है कि यदि शो निर्माता माफी माँगते हैं और स्केच हटा लेते हैं, तो मामला शांत हो सकता है. लेकिन अगर यह केस कोर्ट तक गया, तो भारतीय कॉपीराइट कानून में एक नया उदाहरण बन सकता है. इससे फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री को यह सीख मिलेगी कि कॉमेडी और क्रिएटिविटी की भी सीमाएं होती हैं.
यह घटना एक फिर इस बात को मजबूत आधार देती है कि किरदारों का जन्म स्क्रिप्ट से होता है, लेकिन उनका अधिकार हमेशा रचनाकार के पास होता है.