नेतन्याहू का नया वीडियो
यरुशलम/नई दिल्ली, 16 मार्च 2026: ईरान–इज़राइल तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को लेकर सोशल मीडिया पर अचानक एक अफवाह फैल गई कि वे किसी हमले में मारे गए हैं। इन खबरों ने कुछ समय के लिए हलचल मचा दी। लेकिन इन अफवाहों का जवाब देने के लिए खुद नेतन्याहू सामने आए—वह भी एक बिल्कुल कैज़ुअल अंदाज में कॉफी पीते हुए।
नेतन्याहू ने 15 मार्च को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर करीब एक मिनट का व्लॉग-स्टाइल वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में वे यरुशलम के मशहूर Sataf Cafe में नजर आते हैं। वीडियो में वे मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “मैं मर रहा हूं… कॉफी के लिए।” दरअसल यह एक पन था, जिसका मतलब है कि उन्हें कॉफी की बहुत तलब है। वे आराम से कॉफी ऑर्डर करते और पीते दिखाई देते हैं, जिससे साफ संदेश देने की कोशिश की गई कि वे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
वीडियो में नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का मजाक भी उड़ाया। उन्होंने कैमरे की तरफ हाथ दिखाते हुए कहा, “क्या तुम मेरी उंगलियां गिनना चाहते हो?” दरअसल कुछ दिन पहले एक वीडियो को लेकर दावा किया गया था कि उसमें उनकी छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं और वह AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो है।
वीडियो के दौरान नेतन्याहू इज़राइली लोगों की हिम्मत की भी तारीफ करते हैं। वे मिसाइल हमलों के दौरान लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और शेल्टर के पास रहने की सलाह देते हैं। साथ ही वे ईरान और लेबनान के खिलाफ चल रहे सैन्य ऑपरेशनों का भी जिक्र करते हैं।
हालांकि यह “प्रूफ ऑफ लाइफ” वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने दावा किया कि वीडियो असली नहीं बल्कि AI डीपफेक हो सकता है। कुछ लोगों ने कहा कि कॉफी कप में लिक्विड लेवल बदलता नहीं दिख रहा या कुछ फ्रेम में हाथों की मूवमेंट अजीब लग रही है। Reddit और X जैसे प्लेटफॉर्म पर इन दावों को लेकर काफी चर्चा हुई।
लेकिन कई स्वतंत्र जांचों में वीडियो को असली बताया गया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने कैफे के इंटीरियर और लोकेशन को पुरानी तस्वीरों से मिलाकर इसकी पुष्टि की। वहीं The Times of Israel सहित कई मीडिया संस्थानों ने भी इसे असली फुटेज बताया। खुद Sataf Cafe ने भी उसी दिन की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिनमें नेतन्याहू की मौजूदगी साफ नजर आती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो में जो “AI जैसे” संकेत बताए जा रहे हैं, वे असल में कैमरा एंगल, लाइटिंग या वीडियो कम्प्रेशन की वजह से हो सकते हैं। कई बार छोटे-छोटे सिप लेने पर कॉफी के फोम या लिक्विड लेवल में बदलाव कैमरे में साफ नजर नहीं आता। दिलचस्प बात यह है कि अफवाहों को खत्म करने के लिए बनाया गया यह वीडियो खुद ही डीपफेक बहस का नया कारण बन गया, जो आज के AI युग की एक झलक भी दिखाता है।
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