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नेपाल में चुनावी सरप्राइज: बालेंद्र शाह की RSP ने मारी बाजी, पारंपरिक दल पीछे,क्या Gen-Z लहर बदल देगी देश की राजनीति?

काठमांडू: नेपाल में 5 मार्च 2026 को हुए आम चुनाव की मतगणना तेजी से आगे बढ़ रही है और शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखा दिया है। चुनाव आयोग के ताजा अपडेट्स के मुताबिक नई और युवा-केंद्रित पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party – RSP) ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। अभी तक के रुझानों में RSP करीब 96 सीटों पर आगे चल रही है और 3 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। माना जा रहा है कि यह पिछले साल हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल की राजनीति में बदलाव की बड़ी लहर का संकेत है।

नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार प्रतिनिधि सभा की 165 सीटों (First-Past-The-Post सिस्टम) पर मतगणना जारी है। शुरुआती नतीजों में काठमांडू के मेयर और RSP के प्रमुख चेहरे बालेंद्र शाह (बालेन शाह) कई क्षेत्रों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं। वहीं RSP को प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन (PR) वोटों में भी अच्छी बढ़त मिलती दिख रही है।

ताजा रुझानों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस 6-10 सीटों, जबकि CPN-UML 5-6 सीटों पर आगे या जीत की स्थिति में है। कुछ छोटी पार्टियां भी 1-2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 138 सीटें जरूरी होती हैं, इसलिए फिलहाल किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार गठबंधन सरकार बनने की संभावना काफी मजबूत है।

इस चुनाव में करीब 60 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसे पिछले दो दशकों में सबसे कम बताया जा रहा है, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी के मुताबिक पहाड़ी और दूरदराज इलाकों से मतपेटियां हेलीकॉप्टर से लाई जा रही हैं, इसलिए अंतिम नतीजे 9 मार्च 2026 तक आने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर RSP की बढ़त बरकरार रहती है तो नेपाल की राजनीति में युवा नेतृत्व और सिस्टम सुधार की नई शुरुआत देखने को मिल सकती है। वहीं भारत ने भी नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया का स्वागत किया है और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई है।

news desk

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