इजरायल के हमलों के बाद Iran ने ऐसा कदम उठाया है, जिससे उसे आर्थिक रूप से बड़ा फायदा मिल सकता है। दरअसल, Qatar पर हमले के बाद United States अब ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रहा है।
अगर अमेरिका यह फैसला लेता है, तो ईरान के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, समुद्र में फंसे करीब 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल को तुरंत बाजार में उतारा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईरान को करीब 15 अरब डॉलर तक का सीधा आर्थिक लाभ हो सकता है। इतना ही नहीं, प्रतिबंध हटने की स्थिति में ईरान अपने तेल की कीमत तय करने में भी अधिक स्वतंत्र हो जाएगा, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर उसका प्रभाव बढ़ सकता है।
अगर अमेरिकी प्रतिबंध हटते हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Oil Price Surge: 140 डॉलर पार कच्चा तेल, ईरान को 15 अरब डॉलर का फायदा संभव
वाशिंगटन/तेहरान: The Washington Post की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं। वहीं Saudi Arabia ने चेतावनी दी है कि हालात ऐसे ही बने रहे तो यह 180 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार United States फिलहाल सिर्फ उसी ईरानी तेल को बेचने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है, जो समुद्र में फंसा हुआ है। अनुमान है कि करीब 140 मिलियन बैरल तेल तुरंत बाजार में उतारा जा सकता है।
अमेरिका की कोशिश इस तेल को Asia और Europe तक पहुंचाने की है, जिससे वहां के उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। अब तक Iran कम कीमत पर मुख्य रूप से China को तेल बेचता रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंधों में ढील मिलने पर ईरान को करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.4 ट्रिलियन रुपये) की कमाई हो सकती है, जो युद्ध की स्थिति में उसके लिए बड़ी राहत होगी।
Lloyd’s Intelligence Institute के मुताबिक ईरान ने Strait of Hormuz के पास Larak Island के नजदीक एक सुरक्षित गलियारा तैयार किया है। अब तक 9 जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दिया गया है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक जहाज से गुजरने के लिए करीब 2 मिलियन डॉलर तक शुल्क लिया गया है। फिलहाल इस मार्ग पर करीब 1000 जहाज फंसे हुए बताए जा रहे हैं।
28 फरवरी को United States और Israel के हमले के बाद Iran ने रणनीति के तहत संघर्ष को लंबा खींचने का फैसला किया।इसके तहत ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाना शुरू किया और होर्मुज मार्ग को बाधित कर दिया, जिससे तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई।ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध नहीं रुका, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
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