फुटबॉल फैंस के लिए यह एक ऐसी रात थी, जिसे इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होना चाहिए था। फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में मेक्सिको ने चेक रिपब्लिक को पूरी तरह वन-साइडेड (3-0) अंदाज में धूल चटा दी। इस धमाकेदार जीत के साथ मेक्सिको ने अपने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीतकर एक नया रिकॉर्ड सेट किया। लेकिन अफसोस, स्टेडियम में गूंज रहे समलैंगिक विरोधी और अभद्र नारों (Anti-Gay Chants) ने इस ऐतिहासिक कामयाबी के जश्न पर पानी फेर दिया।
फर्स्ट हाफ तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर थीं और मुकाबला काफी नेक-टू-नेक चल रहा था। लेकिन सेकंड हाफ में मेक्सिकन खिलाड़ियों ने ऐसा गियर बदला कि चेक रिपब्लिक की डिफेंस लाइन पूरी तरह बिखर गई, 55वां मिनट था 22 साल के युवा स्टार माेटेओ शावेज ने पहला गोल दागकर टीम को 1-0 की लीड दिलाई और 61वां मिनट ठीक, 6 मिनट बाद, जूलियन क्विनोनेस ने टूर्नामेंट का अपना दूसरा गोल ठोककर स्कोर 2-0 कर दिया।
मैच के आखिरी पलों में अल्वारो फिडाल्गो ने एक और बेहतरीन गोल दागकर चेक रिपब्लिक की हार पर फाइनल मुहर लगा दी।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब फर्स्ट हाफ के आखिरी मिनट में चेक रिपब्लिक के गोलकीपर मातेज कोवर गोल किक ले रहे थे। उसी वक्त एज़्टेका स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन फैंस ने उनका ध्यान भटकाने के लिए स्पेनिश भाषा का एक बेहद अपमानजनक और होमोफोबिक शब्द जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
यह स्लेजिंग पिछले 25 सालों से फुटबॉल स्टेडियमों में चल रही है और 2014 के वर्ल्ड कप के दौरान यह पूरी दुनिया में चर्चा में आई थी। इस तरह के टॉक्सिक बिहेवियर के कारण FIFA पहले भी मेक्सिकन फुटबॉल महासंघ पर लाखों डॉलर का जुर्माना और कई कड़े प्रतिबंध लगा चुका है, लेकिन इसके बावजूद फैंस सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
इस मैच में जहाँ एक तरफ फैंस की बदतमीजी देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ दो बेहद ऐतिहासिक पल भी दर्ज किए गए:
मेक्सिको के 40 वर्षीय दिग्गज गोलकीपर मेमो ओचोआ 77वें मिनट में बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरे। इसके साथ ही उन्होंने लियोनेल मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के उस एलीट क्लब में एंट्री कर ली है, जिन्होंने अपने करियर में 6 अलग-अलग वर्ल्ड कप खेले हैं। ओचोआ ने हिंट दिया है कि इस वर्ल्ड कप के बाद वह इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह देंगे।
महज 17 साल के गिलबर्टो मोरा वर्ल्ड कप मैच की स्टार्टिंग लाइनअप में जगह बनाने वाले मेक्सिको के इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।
इस धमाकेदार जीत के साथ मेक्सिको ग्रुप-ए का टॉपर बनकर पूरे टशन में राउंड-ऑफ-32 (नॉकआउट स्टेज) में पहुंच चुका है। मेक्सिको अब अगले मंगलवार को इसी स्टेडियम में अपना नॉकआउट मैच खेलेगा। दूसरी तरफ, तीन मैचों में सिर्फ 1 पॉइंट हासिल करने के बाद चेक रिपब्लिक का इस साल का वर्ल्ड कप सफर यहीं खत्म हो गया है।
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