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Meta Platforms की 29 अप्रैल को आने वाली Q1 रिपोर्ट—AI पर अरबों के दांव के बीच क्या निवेशकों को मिलेगा बड़ा रिटर्न?

कैलिफोर्निया, 22 अप्रैल 2026: Meta Platforms 29 अप्रैल 2026 को अपनी Q1 FY26 की वित्तीय रिपोर्ट बाजार बंद होने के बाद जारी करेगी। इसके बाद 5:30 बजे ET (भारत में रात 3:00 बजे) अर्निंग्स कॉल भी होगी। इस बार निवेशकों की नजरें खास तौर पर टिकी हुई हैं, क्योंकि एक तरफ कंपनी की मजबूत विज्ञापन कमाई और बढ़ता यूजर बेस है, तो दूसरी तरफ AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर $115-135 बिलियन के भारी खर्च ने बाजार को दो हिस्सों में बांट दिया है।

पिछले तिमाही की शानदार परफॉर्मेंस

दिसंबर 2025 में खत्म हुए Q4 FY25 में Meta ने दमदार नतीजे पेश किए थे। कंपनी का कुल रेवेन्यू $59.89 बिलियन रहा, जो साल-दर-साल 24% की बढ़त है। शुद्ध मुनाफा $22.77 बिलियन (EPS $8.88) रहा। Facebook, Instagram, WhatsApp और Threads जैसे प्लेटफॉर्म्स से विज्ञापन राजस्व में 24% की ग्रोथ दर्ज हुई, जबकि डेली एक्टिव यूजर्स 3.5 अरब के पार पहुंच गए। कंपनी ने Q1 2026 के लिए $53.5-56.5 बिलियन का रेवेन्यू गाइडेंस पहले ही दे दिया है, जो एक्सपर्ट्स के अनुमान से बेहतर माना जा रहा है।

AI पर बड़ा दांव, लेकिन मार्जिन पर दबाव

Mark Zuckerberg AI को कंपनी के फ्यूचर का सबसे बड़ा ड्राइवर मान रहे हैं। 2026 के लिए CapEx $115-135 बिलियन तक जाने का अनुमान है, जो 2025 के $72 बिलियन से लगभग दोगुना है। कुल खर्च $162-169 बिलियन तक रह सकता है। यह निवेश मुख्य रूप से AI डेटा सेंटर्स, कस्टम चिप्स (MTIA) और एडवांस रिसर्च लैब्स में हो रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में इससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव आ सकता है, लेकिन लंबे समय में AI-पावर्ड एड टूल्स, बेहतर यूजर एंगेजमेंट और नए रेवेन्यू मॉडल (जैसे सब्सक्रिप्शन) से बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

वॉल स्ट्रीट का भरोसा बरकरार

Meta का शेयर फिलहाल $668-682 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो 2025 के हाई से करीब 15-20% नीचे है। इसके बावजूद ज्यादातर एनालिस्ट इसे “Strong Buy” मान रहे हैं। औसत टारगेट प्राइस $838-855 के बीच है, यानी करीब 20-25% का अपसाइड। UBS ने टारगेट $908 रखा है, जबकि Bank of America $820 तक का अनुमान दे रहा है।

अब निवेशकों की नजरें 29 अप्रैल की रिपोर्ट पर हैं, जहां Q1 के रेवेन्यू, EPS (~$6.66-6.71), AI प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस, विज्ञापन ग्रोथ और मार्जिन आउटलुक जैसे अहम संकेत मिलेंगे। कुल मिलाकर, Meta का वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक माना जा रहा है, लेकिन AI पर भारी खर्च और वैश्विक अनिश्चितता के चलते शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

news desk

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