ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में पोस्ट-IPO दौर की शुरुआत के साथ ही एक बड़ा मैनेजमेंट बदलाव सामने आया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनेल मेघा अग्रवाल ने 7 जनवरी 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दिसंबर 2025 में हुए सफल IPO और दमदार लिस्टिंग के बाद यह मीशो का पहला बड़ा सीनियर-लेवल एग्ज़िट माना जा रहा है, जिस पर बाजार और निवेशकों की नजर बनी हुई है।
IPO के बाद पहला बड़ा सीनियर एग्ज़िट
मीशो का IPO 3 से 5 दिसंबर 2025 तक खुला था, जिसका कुल साइज 5421 करोड़ रुपये रहा। इसमें 4250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1171 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल था। इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह करीब 79 गुना सब्सक्राइब हुआ। 10 दिसंबर को शेयर BSE और NSE पर 111 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 45% प्रीमियम के साथ 161 रुपये पर लिस्ट हुए थे। ऐसे में लिस्टिंग के कुछ ही हफ्तों बाद सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव ने चर्चाओं को हवा दे दी है।
मेघा अग्रवाल 2019 में मीशो से जुड़ी थीं और सीधे फाउंडर व CEO विदित आतरे को रिपोर्ट करती थीं। पहले उन्होंने कंपनी का ग्रोथ फंक्शन संभाला और फिर 2023 में बिजनेस जनरल मैनेजर बनीं। इस भूमिका में वे कैटेगरी मैनेजमेंट और बिजनेस ऑपरेशंस की अहम जिम्मेदारी देख रही थीं। FY25 में उनका कुल सालाना कंपेंसेशन 2.29 करोड़ रुपये रहा। हालांकि कंपनी ने उनके इस्तीफे की वजह सार्वजनिक नहीं की है और सिर्फ इतना कहा है कि आगे की जानकारी समय पर दी जाएगी।
नई जिम्मेदारियां और आगे की राह
इस बदलाव के साथ मीशो ने मिलन पार्टानी को कॉमर्स प्लेटफॉर्म का नया जनरल मैनेजर नियुक्त किया है। अब उनके जिम्मे ग्रोथ, कंटेंट कॉमर्स और बिजनेस टीम्स होंगी। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो H1 FY26 में मीशो का ऑपरेटिंग रेवेन्यू बढ़कर 5577 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि नेट लॉस घटकर करीब 700 करोड़ रुपये रह गया है, जिसे एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।
CEO विदित आतरे के नेतृत्व में मीशो अभी भी भारत के वैल्यू ई-कॉमर्स सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए है, खासकर छोटे शहरों और रीसेलर-ड्रिवन मॉडल में। हालांकि IPO के तुरंत बाद सीनियर लेवल पर हुआ यह इस्तीफा पोस्ट-IPO फेज में लीडरशिप स्टेबिलिटी को लेकर सवाल जरूर खड़े करता है। कंपनी इसे एक सामान्य प्रक्रिया बता रही है, लेकिन आने वाले महीनों में निवेशक यह जरूर देखेंगे कि मीशो की ग्रोथ और मैनेजमेंट स्थिरता किस दिशा में जाती है।