मेरठ में गोल्ड ज्वेलरी चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसे पुलिस ने सुलझा लिया है। एसपी सिटी Vinayak Gopal Bhosale के मुताबिक, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 60 ग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं।
घटना 17 अप्रैल की है। रोहटा रोड के नारायण गार्डन निवासी सर्राफा कारोबारी मंगलसेन वर्मा ई-रिक्शा से हापुड़ अड्डा जा रहे थे। उनके पास ग्राहकों के लिए तैयार गहने—हार, नथ, अंगूठी और झुमके—मौजूद थे।
बुढ़ाना गेट के पास एक युवक, जो उसी ई-रिक्शा में बैठा था, अचानक बिना किराया दिए कूदकर उतर गया। उस समय किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन जब वर्मा इंदिरा चौक पहुंचे, तो उन्हें एहसास हुआ कि उनकी पैंट की जेब ब्लेड से काट दी गई है और गहनों का पाउच गायब है।
500 CCTV खंगालकर पकड़े गए, रैन बसेरा से हुई गिरफ्तारी
मामला सामने आते ही पुलिस एक्टिव हो गई। करीब 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और फिर सुराग मिल गया। पुलिस ने घंटाघर टाउन हॉल के पास बने रैन बसेरा से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों के नाम कुलदीप उर्फ रोहित उर्फ भेला और साजन उर्फ फौजी हैं, जो फतेहगढ़ के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे सिर्फ मेरठ ही नहीं, बल्कि लखनऊ, आगरा, कन्नौज और शाहजहांपुर जैसे शहरों में भी इस तरह की वारदात कर चुके हैं।
कैसे काम करता था गैंग?
इनका तरीका काफी स्मार्ट था। पहले ये लोग टारगेट को पहचानते—ज्यादातर बुजुर्ग या व्यापारी। फिर एक आरोपी ई-रिक्शा में पास बैठकर ब्लेड से जेब काटता, जबकि दूसरा बाइक पर पीछे-पीछे चलता ताकि तुरंत भाग सके।
चोरी के बाद गहनों को गांव ले जाकर पिघला दिया जाता था, ताकि कोई सबूत न बचे।
एक आरोपी अभी फरार
इस गैंग का तीसरा सदस्य आकाश उर्फ मणि अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
अच्छी बात ये है कि मेरठ पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरा मामला सुलझा लिया और आरोपियों को पकड़ लिया।
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