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मेरठ: घायल महिला की अस्पताल में हुई मौत, गांव में फोर्स तैनात! आरोपी फरार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में बेटी को अगवा और मां को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में घायल महिला की मौत हो गई। लगभग 7 घंटे आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद पीड़ित महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में तनाव पसरा हुआ है। प्रशासन ने फोर्स तैनात कर दिया है। 

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गुरूवार सुबह पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ बाजार से घर लौट रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे कुछ असामाजिक तत्वों ने उनका रास्ता रोक लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने युवती को जबरन अपने साथ ले जाना का प्रयास किया और जब माँ ने इसका कड़ा विरोध किया, तो बदमाशों ने महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। और गंडासे से वार भी किया। इसके बाद आरोपियों ने बेटी के साथ भी बदसलूकी की। शोर मचाने पर जब स्थानीय लोग इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

मेरठ में हुई इस सनसनीखेज़ वारदात पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने लिखा “मेरठ में मां की हत्या और बेटी को उठाकर ले जाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। भाजपा सरकार अपराधियों को संरक्षण देते-देते आज जिस स्तर पर पहुंच गयी है, वहां से वापस नहीं लौट सकती क्योंकि अपराधी उनके राज़ खोल देंगे। सरकार से कोई उम्मीद ही न बचे, इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। भाजपा पूरी तरह नाकाम सरकार है। कोई है! “

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी पारस राजपूत समेत सभी आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। और अगवा हुई लड़की की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

परिजनों की मांग

पीड़ित परिवार डरा हुआ है और न्याय की गुहार लगा रहा है। उनका कहना है कि सरेराह इस तरह की घटना होना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। दलित संगठनों ने भी इस मामले में कड़ी नाराजगी जताई है और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

news desk

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