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अमरावती अस्पताल के SNCU में भीषण आग, 3 नवजातों की मौत; दो नर्सों ने 6 नवजातों को बचाया

अमरावती के जिला महिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार तड़के आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई। हादसे के दौरान दो नर्सों ने अपनी जान जोखिम में डालकर छह बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

3 मुख्य बातें

  • SNCU में आग लगने से 3 नवजात शिशुओं की मौत
  • दो नर्सों ने धुएं और आग के बीच 6 बच्चों को बचाया
  • घायल नवजातों को सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में कराया गया भर्ती

अमरावती के अस्पताल में तड़के मची अफरा-तफरी

अमरावती के जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरे यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त SNCU में कई नवजात शिशु इलाज के लिए भर्ती थे।

हादसे में तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जबकि कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल और प्रभावित शिशुओं को तत्काल पास के सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद लगी आग

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग नवजात शिशु इकाई में लगे वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद लगी। इसके बाद आग तेजी से फैल गई और SNCU में धुआं भर गया।

स्थिति बेहद खतरनाक होने के बावजूद अस्पताल की दो नर्सों ने बच्चों को बचाने का फैसला किया। उन्होंने एक-एक कर कई नवजातों को उनके इनक्यूबेटर से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाती रहीं नर्सें

आग के बीच नर्सों ने जिस तरह छह नवजातों को बचाया, उसकी चर्चा हो रही है। बच्चों को बाहर निकालते समय दोनों नर्सों के हाथ तक झुलस गए।

नर्सों ने बताया कि आग बेहद भीषण थी और पूरी यूनिट में धुआं भर जाने के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बावजूद उनका पूरा ध्यान बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने पर था।

नर्सों ने कहा कि उस वक्त उन्हें सिर्फ सामने मौजूद बच्चे दिखाई दे रहे थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को इनक्यूबेटर से बाहर निकाला और बचाने की पूरी कोशिश की।

छह नवजातों की बची जान, तीन को नहीं बचाया जा सका

नर्सों की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई से छह नवजातों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, आग और धुएं की भयावहता के बीच तीन बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।

इस घटना ने अस्पताल की नवजात देखभाल इकाई में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने की पूरी वजह और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक का पता चल सकेगा।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में बड़ी संख्या में नवजात बच्चे मशीनों और जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर होते हैं। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति में तत्काल निकासी और फायर सेफ्टी व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।

अमरावती की इस घटना के बाद अस्पतालों की SNCU और NICU यूनिट में फायर सेफ्टी, वेंटिलेटर समेत मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।

news desk

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