दुबई/दोहा। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति (Geopolitics) को पूरी तरह से पलट दिया है। खाड़ी देशों में सबसे बड़ा उलटफेर कतर के रुख में देखने को मिला है। अब तक ईरान के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाने वाले कतर ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर तेहरान (ईरान) को जिम्मेदार ठहराया है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कड़े शब्दों में ईरान से मांग की है कि वह क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली अपनी सभी गतिविधियां तुरंत बंद करे। अल-अंसारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान अपने सीमित हितों के लिए दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) और खाड़ी देशों के संसाधनों को दांव पर न लगाए। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कतर के इन आरोपों को ‘अच्छे पड़ोसी के रिश्तों के खिलाफ’ बताया है।
कतर की मुख्य रणनीति हमेशा से अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाए रखने की रही है। कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य बेस होने के बावजूद, उसने दोनों देशों में तनाव कम करने के लिए ‘दोहा वार्ता’ की मेजबानी की थी। सऊदी, यूएई और बहरीन के विपरीत कतर के ईरान से रिश्ते हमेशा मधुर रहे, जिसके पीछे दो मुख्य कारण थे:
ऐसे में कतर द्वारा पुरानी दोस्ती और आर्थिक हितों को किनारे रखकर ईरान पर सीधा हमला बोलना यह साफ करता है कि अब बात उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर आ गई है।
साल 2021 के अल-उला समझौते (Al-Ula Accord) के बाद सऊदी और कतर के रिश्ते सुधरे जरूर थे, लेकिन पूरी तरह भरोसा कायम नहीं हुआ था। जहाजों पर हुए इस हमले ने दोनों देशों को एक साझा दुश्मन (ईरान) के खिलाफ खड़ा कर दिया है, जिससे उनके बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ेगा।
ईरान पहले से ही पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों और आंतरिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है। अब तक उसे खाड़ी क्षेत्र में कतर और ओमान जैसे देशों के ‘नरम रुख’ का फायदा मिलता था। लेकिन कतर के पाला बदलने से GCC (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई) ईरान के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हो सकती है, जिससे ईरान पर क्षेत्रीय दबाव चरम पर पहुंच जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया की सबसे संवेदनशील लाइफलाइन माना जाता है।
अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कतर के इस अप्रत्याशित कदम पर ईरान क्या जवाबी रुख अपनाता है और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के नए समीकरण क्या मोड़ लेते हैं।
नई दिल्ली: आज चॉपस्टिक एशियाई खानपान की पहचान बन चुकी है। चीन, जापान, कोरिया और…
मेष राशि: लेन-देन के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। परिवार के…
लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी पर तीखा हमला…
नई दिल्ली: भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार खास संयोग…
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद से रिश्तों को लेकर हैरान करने वाला…
वॉशिंगटन: ईरान के साथ अमेरिका की जंग छठे महीने में पहुंच गई है और इस…