शुभम जायसवाल : नशीले कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट
नशीले कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड माने जा रहे शुभम जायसवाल ने शुक्रवार को एक बड़ा पॉलिटिकल मूव चला है। उन्होंने दुबई से एक वीडियो क्लिप शेयर कर पूरे मामले को गरमा दिया है। जायसवाल ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को बेकसूर बताया है|
शुभम का दावा है कि ड्रग विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जानबूझकर इस हाई-प्रोफाइल मामले में फंसाया है, क्योंकि उन्होंने अधिकारियों को रिश्वत देने से इनकार कर दिया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद, जहां एक ओर जांच एजेंसियों पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर ये पूरा मामला अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है।
वायरल विडियो में शुभम ने बोला की मैंने सिर्फ ‘फेंसिडिल’ बेचा, और वो भी पूरी तरह कानूनी तरीके से| फेंसिडिल बैन नहीं है, इस सिरप को एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बनाती है|
बच्चों की मौत ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप से हुई थी, जो मेरे सिरप से बिल्कुल अलग है. जहरीला सिरप बेचने की बात सरासर झूठ है और मुझपर झूठे इलज़ाम लगाए गये है|
शुभम ने इसपे बताया की मैंने कोडीन फॉस्फेट कोटे से बना फेंसिडिल सिर्फ ऑथराइज़्ड डीलर्स यानि जिसके पास इसके लायसेंसे है उन्ही लोगों को ही बेचा है. पहले मैंने कंपनी को पूरा पेमेंट दिया और फिर आगे सेल किया। शुभम पर अवैध तरीके से तस्करी करने का भी आरोप लगाया गया हैं जिसपे उन्होंने कहा की फेंसिडिल का ट्रांसपोर्ट ई-वे बिल के साथ होता है, इसलिए डिलीवरी की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है। कोई अवैध तस्करी नहीं किया है मैंने।
शुभम ने अपने विडियो में कहा की पॉलिटिकल पार्टियों द्वारा आपको निशाना बनाया जा रहा है| उन्होंने आगे कहा की अखिलेश यादव जी से मेरी रिक्वेस्ट है कि वाराणसी से जहरीला सिरप बेचने की झूठी पॉलिटिक्स न करें| और मुझे दोषी न ठहराने की अपील की है.
कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट की जांच तेज़ होती जा रही है, और इसी बीच शुभम जायसवाल का अचानक दुबई शिफ्ट होना शक को और तीखा कर रहा है। अगर सब ठीक था, तो बिना किसी नोटिस के यूँ देश छोड़ने की हड़बड़ी आखिर क्यों? क्या ये सिर्फ एक बिज़नेस ट्रिप थी या चल रही जांच से दूरी बनाने की कोशिश? वहीं, गिरफ्तार अमित ‘टाटा’ ने भी अपने बयान में शुभम का ज़िक्र किया है, जिससे इस पूरे मामले के सवाल और ज़्यादा गहरे हो गए हैं।
वीडियो के लास्ट में, शुभम जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जाँच अपील की है और कहा कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की फेयर और ट्रांसपेरेंट इन्वेस्टिगेशन जल्द से जल्द शुरू कराएँ|
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