नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी तीन-दिवसीय भारत यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग बढ़ाना और संभावित बड़े रक्षा सौदे को आगे बढ़ाना माना जा रहा है। दोनों नेताओं की बातचीत में रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी सहयोग और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया।
मैक्रों 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद चौथी बार भारत आए हैं। मुंबई पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान “भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष 2026” की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन में दोनों देशों के सहयोग को नई गति देना है।
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण संभावित राफेल लड़ाकू विमान सौदा माना जा रहा है। भारत ने हाल ही में अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दी है, जिसे फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation तैयार करती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सौदा बहु-अरब डॉलर का हो सकता है और “मेक इन इंडिया” के तहत भारत में मेंटेनेंस और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना भी शामिल है।
मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित होने वाले AI इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लेंगे, जहां भारत और फ्रांस साझा AI रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, डिजिटल सुरक्षा और उभरती तकनीकों में साझेदारी पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा रक्षा सहयोग से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भारत-फ्रांस रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है।