लखनऊ, 16 अप्रैल 2026: राजधानी लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। देर रात और गुरुवार सुबह तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान दो छोटे बच्चों के शव मलबे से बरामद हुए, जिससे इलाके में मातम पसर गया। दोनों बच्चों की उम्र करीब 2 साल बताई जा रही है। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शवों की शिनाख्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
शाम करीब 5:30 बजे विकास नगर सेक्टर-12 / सेक्टर-11 रिंग रोड के पास झुग्गी बस्ती में अचानक आग लग गई। तेज हवा और झोपड़ियों में रखे ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस्ती में रखे 50 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। देखते ही देखते करीब 280 झुग्गियां जलकर राख हो गईं और 1000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए।
पूरी रात चला रेस्क्यू, सुबह मिला दर्दनाक सच
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, स्थानीय पुलिस, प्रशासन और बाद में NDRF टीम मौके पर पहुंची। आग पर रात करीब 10 बजे तक काबू पा लिया गया, लेकिन मलबे में लापता लोगों की तलाश के लिए पूरी रात सर्च ऑपरेशन जारी रहा। गुरुवार सुबह जब टीमों ने राख और मलबा हटाया तो दो मासूम बच्चों के शव बरामद हुए, जिसने राहत कार्य को दर्दनाक मोड़ दे दिया।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट, एलपीजी लीकेज या किसी अन्य वजह से लगी। शुरुआती जांच में सिलेंडर ब्लास्ट से आग के और भड़कने की बात सामने आई है।
सीएम योगी का एक्शन, बेघर परिवारों के लिए राहत शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी देर रात मौके पर पहुंचे और घायलों के इलाज के साथ बेघर हुए परिवारों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर, पुलिस कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर सक्रिय रहीं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों और अस्थायी आश्रय स्थलों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। राहत सामग्री, भोजन और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दो मासूम बच्चों की मौत से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। कई मजदूर परिवारों का सब कुछ इस आग में जल गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गर्मी के मौसम में झुग्गी बस्तियों में ऐसे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए प्रशासन अब सुरक्षा मानकों पर सख्ती की तैयारी में है।
कुल मिलाकर, विकास नगर की यह आग सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए जिंदगी भर का जख्म बन गई है। दो मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।