मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के साथ United States के बीच तनाव और संघर्ष जारी है, जिसे लेकर दुनिया भर में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ईरान के पलटवार के बाद अमेरिका के अपने कदम पीछे खींचने की चर्चा तेज हो गई है, वहीं इजरायल में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है और ईंधन आपूर्ति पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
भारत में भी एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। आशंका जताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर गैस सप्लाई पर पड़ सकता है। इस बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग इंडस्ट्री मुश्किलों का सामना करती दिख रही है। हालांकि केंद्र सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
इधर Lucknow में भी कमर्शियल गैस की कमी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि गैस की कमी के कारण छोटे-छोटे चाय और खाने के स्टॉल चलाने वाले दुकानदार भी प्रभावित हुए हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ लोग मजबूरी में फिर से कोयले के चूल्हे का सहारा लेने लगे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गैस की कमी से जुड़ी परेशानियां दिखाई जा रही हैं।
एक चाय विक्रेता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “इस समय एलपीजी सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में हमें कोयले की भट्टी तैयार करनी पड़ रही है। मेरे पास सिर्फ एक आखिरी सिलेंडर बचा है, उसके बाद गैस पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यहां ग्राहकों का आना-जाना लगातार लगा रहता है। अगर गैस नहीं मिली तो कल (12 मार्च) से कोयले की भट्टी ही जलानी पड़ेगी। किसी भी तरह से रोजगार तो चलाना ही है।”
भट्टी बनाने वाले एक कारीगर ने मीडिया से बातचीत में अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “करीब 25 साल बाद मैं फिर से कोयले की भट्टी बना रहा हूं। एलपीजी सिलेंडर खत्म हो गए हैं, जिसके कारण चाय और खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। एजेंसी के कुछ कर्मचारी 1500 रुपये में सिलेंडर बेचने की बात कर रहे हैं और केवाईसी कराने के लिए कह रहे हैं। गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा, इसलिए मजबूरी में भूखे पेट ही कारीगरी करनी पड़ रही है।”