केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों ने देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत आने वाले 10 करोड़ से भी अधिक परिवारों के लिए अब रसोई गैस की बुकिंग का नियम बदल गया है। नए नियमों के अनुसार, अब इन लाभार्थियों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 45 दिनों का अनिवार्य इंतज़ार करना होगा।
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही हाथों में पहुंचे और सिलेंडरों की कालाबाजारी को पूरी तरह से रोका जा सके। 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को अब अपनी गैस की खपत का प्रबंधन इसी 45 दिन की समय सीमा के अन्दर करना होगा।
45 दिनों की यह समय सीमा आपकी बुकिंग की तारीख से नहीं, बल्कि सिलेंडर की डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी।
किसे कितना करना होगा इंतज़ार?
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं की श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग वेटिंग पीरियड तय किया है।
नए नियमों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर के लिए सबसे ज्यादा यानी 45 दिन का इंतज़ार करना होगा।
वहीं, दो सिलेंडर (DBC) रखने वाले सामान्य ग्राहकों के लिए यह समय सीमा 35 दिन और एक सिलेंडर (SBC) वाले सामान्य ग्राहकों के लिए 25 दिन निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए उनकी खपत के आधार पर 9 से 16 दिन का अंतराल तय किया गया है।
यह सख्ती क्यों जरूरी हुई?
सरकार ने इस बड़े बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं:
सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को होटलों या व्यावसायिक जगहों पर अवैध रूप से बेचने यानि ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों को रोकने के लिए।
अब बिना OTP (वन टाइम पासवर्ड) के डिलीवरी पूरी नहीं होगी, जिससे यह पक्का होगा कि सिलेंडर सही व्यक्ति के पास ही पहुँचा है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार चाहती है कि पैनिक बुकिंग न हो और सभी को बराबर गैस मिले।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है, बस नियमों में बदलाव किया गया है।