नई दिल्ली: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। इस मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन अंकिता के माता-पिता इसे पूरा न्याय नहीं मानते। परिवार दोषियों के लिए फांसी की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर परिजन दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी उनसे मुलाकात की।
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली थीं। वह ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश पैदा कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई। इसी वजह से परिवार अब भी निष्पक्ष जांच और पूर्ण न्याय की मांग कर रहा है।
सितंबर 2022 में अंकिता घर से वनंतरा रिजॉर्ट में ड्यूटी के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस से की। इसके दो दिन बाद उनका शव चीला नहर में मिला। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोप सामने आया कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता पर जबरन देह व्यापार में शामिल होने का दबाव बनाया था। आरोप है कि अंकिता ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना के सामने आने के बाद मामले ने व्यापक तूल पकड़ लिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
पुलिस ने मामले की चार्जशीट में हत्या, साक्ष्य मिटाने और अनैतिक देह व्यापार से जुड़े आरोप शामिल किए थे। मुकदमे की सुनवाई के बाद पौड़ी गढ़वाल की जिला अदालत ने वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
फिलहाल पुलकित आर्य अल्मोड़ा जेल में बंद है। सौरभ भास्कर टिहरी और अंकित गुप्ता देहरादून की जेल में है।
अंकिता के परिजनों का कहना है कि दोषियों को सजा मिलने के बावजूद उन्हें पूरा न्याय नहीं मिला है। परिवार की मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। निचली अदालत से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद भी परिजनों ने अपनी लड़ाई जारी रखी है।
परिवार का आरोप है कि हत्याकांड में राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों को बचाने की कोशिश की गई। इसी आशंका के चलते परिजन मामले की सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
परिजनों के मुताबिक, मामले का मुख्य दोषी पुलकित आर्य उत्तराखंड बीजेपी के नेता रहे विनोद आर्य का बेटा है। विनोद आर्य को राज्य की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता था। अंकिता हत्याकांड के बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
परिवार का आरोप है कि राजनीतिक रसूख के कारण मामले से जुड़े कुछ लोगों को बचाया गया। इसी आधार पर वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। अंकिता की मां सोनी देवी का कहना है कि बेटी की हत्या ने उनके परिवार की जिंदगी को गहरे दुख में डाल दिया है।
अंकिता के परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल बाद भी परिवार को न्याय नहीं मिला है, जबकि एक वीआईपी आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम दिया गया।
राहुल गांधी ने अपने बयान में बीजेपी पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने के लिए घर से दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय की लड़ाई में उनका समर्थन करते रहेंगे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन परिवार की फांसी और सीबीआई जांच की मांग के चलते यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
मेरठ: मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या से लेकर अदालत…
नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि को मां दुर्गा की आराधना, शक्ति और भक्ति का विशेष पर्व…
नई दिल्ली: थायराइड की समस्या होने पर खानपान को लेकर अक्सर उलझन रहती है। कौन-सी…
नई दिल्ली: नौकरी के दौरान जमा होने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) रिटायरमेंट के लिए बचत…
नई दिल्ली: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का…
नई दिल्ली: बढ़ते वजन का असर सिर्फ शरीर की बनावट और सेहत पर ही नहीं,…