नई दिल्ली: थायराइड की समस्या होने पर खानपान को लेकर अक्सर उलझन रहती है। कौन-सी चीजें डाइट में शामिल करनी चाहिए और किनसे दूरी बनानी चाहिए, इसे लेकर कई तरह की सलाह मिलती है। वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने यूट्यूब वीडियो में थायराइड के मरीजों के लिए 10 खाद्य पदार्थों की रैंकिंग साझा की है। इसमें उन्होंने कलौंजी, आयोडीन युक्त नमक, कद्दू के बीज, अंडे और ब्राजील नट्स जैसे विकल्पों के बारे में बताया है। हालांकि, थायराइड के मरीजों के लिए हर खाद्य पदार्थ का असर एक जैसा नहीं होता और डाइट का चुनाव बीमारी के प्रकार व डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
लीमा महाजन के मुताबिक, ऑटोइम्यून थायराइड की समस्या वाले कुछ लोगों में गेहूं और उसमें मौजूद ग्लूटेन को लेकर संवेदनशीलता हो सकती है। उन्होंने गेहूं को अपनी सूची में दसवें स्थान पर रखा है। हालांकि, हर थायराइड मरीज के लिए गेहूं बंद करना जरूरी नहीं है। इसे डाइट से हटाने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
धनिया के बीज का पानी थायराइड को नियंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया पर लोकप्रिय घरेलू उपायों में शामिल है। लीमा महाजन ने इसे नौवें नंबर पर रखा है। उनके अनुसार, इसके सेवन से थायराइड को नियंत्रित करने में खास मदद मिलने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसलिए इसे दवा या इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
न्यूट्रिशनिस्ट ने मिलेट्स को आठवें स्थान पर रखा है। उन्होंने खास तौर पर बाजरे के सेवन को लेकर सावधानी बरतने और रागी व ज्वार को सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी है। उनके अनुसार, मिलेट्स खाते समय डाइट में प्रोटीन, फाइबर और आयोडीन के स्रोत भी शामिल होने चाहिए। हालांकि, मोटे अनाज सभी थायराइड मरीजों के लिए नुकसानदायक नहीं हैं और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं।
गोभी और ब्रोकली को लीमा महाजन ने सातवें नंबर पर रखा है। उन्होंने बताया कि इन सब्जियों को थायराइड के मरीजों के लिए पूरी तरह नुकसानदायक मानना सही नहीं है। इनमें कई पोषक तत्व होते हैं और संतुलित मात्रा में इनका सेवन किया जा सकता है। थायराइड की समस्या होने पर इन्हें पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी डाइट और स्वास्थ्य के अनुसार मात्रा तय करना बेहतर है।
ब्राजील नट्स में सेलेनियम पाया जाता है, जो थायराइड हार्मोन के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है। शरीर में यह खनिज T4 हार्मोन को सक्रिय T3 हार्मोन में बदलने की प्रक्रिया में भी मदद करता है। लीमा महाजन ने इन्हें छठे स्थान पर रखा है और सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी है। ब्राजील नट्स में सेलेनियम की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, इसलिए इनका जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
अंडे को न्यूट्रिशनिस्ट ने पांचवें नंबर पर रखा है। अंडे की जर्दी से आयोडीन और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व मिल सकते हैं। ये थायराइड हार्मोन के निर्माण और शरीर में उनके सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं। अगर किसी व्यक्ति को अंडे से एलर्जी नहीं है या डॉक्टर ने इसे खाने से मना नहीं किया है, तो इसे संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।
दही और दूसरे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों को लीमा महाजन ने चौथे स्थान पर रखा है। ये पाचन तंत्र की सेहत और शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का चुनाव अपनी सहनशीलता और स्वास्थ्य के हिसाब से करना चाहिए। हालांकि, इन्हें थायराइड का सीधा इलाज नहीं माना जा सकता।
कद्दू के बीज में जिंक और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। लीमा महाजन ने इन्हें तीसरे स्थान पर रखा है। ये खनिज शरीर के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाते हैं और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन केवल कद्दू के बीज खाने से थायराइड नियंत्रित होने की गारंटी नहीं है।
थायराइड हार्मोन बनाने के लिए शरीर को आयोडीन की जरूरत होती है। इसी वजह से आयोडीन युक्त नमक को लीमा महाजन ने दूसरे स्थान पर रखा है। हालांकि, नमक का सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा आयोडीन लेना भी कुछ लोगों में थायराइड की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए अतिरिक्त आयोडीन सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
लीमा महाजन ने कलौंजी को अपनी सूची में पहला स्थान दिया है। उनके मुताबिक, एक अध्ययन में आठ सप्ताह तक प्रतिदिन दो ग्राम कलौंजी लेने के बाद TSH, T3 और एंटी-TPO के स्तर में सुधार देखा गया। हालांकि, किसी एक अध्ययन के नतीजों के आधार पर कलौंजी को थायराइड का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर आप थायराइड की दवा ले रहे हैं।
थायराइड के मरीजों को संतुलित आहार लेने के साथ अपनी दवाएं डॉक्टर के निर्देश के अनुसार जारी रखनी चाहिए। किसी खास खाद्य पदार्थ को थायराइड के लिए अच्छा या बुरा बताकर पूरी तरह डाइट से हटाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। अगर आप लेवोथायरॉक्सिन जैसी दवा लेते हैं, तो उसे लेने और खाने या कुछ सप्लीमेंट्स के सेवन के बीच सही अंतर बनाए रखना भी जरूरी है। अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटीशियन से सलाह लें।
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