जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्यसभा की चार सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए तीन चेहरों को मैदान में उतारने की घोषणा की है. भाजपा ने गुलाम मोहम्मद मीर, राकेश महाजन और सत पाल शर्मा को टिकट देकर साफ कर दिया है कि वह इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रही और कड़ा मुकाबला देने के मूड में है.
हालांकि मौजूदा विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन का दबदबा है और वे तीन सीटों पर मजबूत स्थिति में हैं, भाजपा ने तीन उम्मीदवारों के साथ आक्रामक रणनीति अपनाई है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा का यह दांव विपक्ष को चौंकाने और समर्थन जुटाने की कोशिश है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने में कितनी सफल हो पाती है. चर्चा है कि पार्टी निर्दलीय या छोटी पार्टियों के विधायकों को साधने की दिशा में भी काम कर सकती है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की संयुक्त तैयारी
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी अपने तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. चौथी सीट को लेकर कांग्रेस के साथ बातचीत जारी है. माना जा रहा है कि दोनों दल मिलकर एक संयुक्त रणनीति के तहत चुनाव लड़ेंगे, ताकि भाजपा की संभावित चालों को विफल किया जा सके.
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया और महत्व
राज्यसभा चुनाव प्रत्यक्ष जनता के वोट से नहीं, बल्कि विधानसभा सदस्यों के वोट से होता है. प्रत्येक पार्टी की विधानसभा में स्थिति के आधार पर यह तय होता है कि राज्यसभा में किस पार्टी का उम्मीदवार जाएगा. यदि प्रत्याशी संख्या सीटों से अधिक हो जाती है, तो मतदान की आवश्यकता पड़ती है, और इस बार यही स्थिति बनती नजर आ रही है. चुनाव आयोग ने चार सीटों के लिए तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की हैं, और मतदान 24 अक्टूबर को प्रस्तावित है.