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इजराइल में पूर्व IDF जनरल ओफर विंटर ने बनाई नई राष्ट्रवादी पार्टी, नेतन्याहू बोले- ‘वोट बंटे तो दक्षिणपंथी गठबंधन हार सकता है’

यरुशलम। इजराइल के पूर्व सैन्य अधिकारी और विवादित पूर्व IDF जनरल ओफर विंटर ने मंगलवार को एक नई दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी पार्टी लॉन्च की है। पार्टी का नाम ‘अमचा यिसराइल’ (Amcha Yisrael) रखा गया है, जिसका अर्थ ‘इजराइल के लोग’ है। विंटर ने पार्टी के जरिए सख्त सुरक्षा नीति अपनाने के साथ-साथ देश के विभिन्न समुदायों के बीच एकता बढ़ाने का वादा किया है।

नई पार्टी के ऐलान के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसका विरोध करते हुए चेतावनी दी कि कई छोटी राष्ट्रवादी पार्टियों के मैदान में उतरने से दक्षिणपंथी वोट बंट सकते हैं और इसका फायदा विपक्ष को मिल सकता है।

‘7 अक्टूबर के बाद राजनीति में सबकुछ पहले जैसा नहीं रह सकता’

यरुशलम में करीब 300 समर्थकों के बीच पार्टी लॉन्च करते हुए विंटर ने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजराइली जनता अब पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, “जो कोई यह सोचता है कि 7 अक्टूबर के बाद जनता राजनीतिक क्षेत्र में सब कुछ पहले जैसा स्वीकार कर लेगी और नई ताकतों को व्यवस्था में आने की जरूरत नहीं है, वह बड़ी गलती कर रहा है।”

विंटर ने आगामी 27 अक्टूबर के चुनाव को इजराइल के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों पर जनमत संग्रह बताया। उन्होंने कहा कि देश के सामने अति-रूढ़िवादी यहूदियों (हारेदी) को IDF में शामिल करना, देश के हित में योगदान देने वाले अरब नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ना, न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करना और नेगेव से गलील तक फैले संगठित अपराध पर लगाम लगाना जैसी चुनौतियां हैं।

फिलिस्तीनी राज्य के खिलाफ विंटर

इजराइल के दक्षिणपंथी राजनीतिक रुख के अनुरूप विंटर ने भी फिलिस्तीनी राज्य के गठन का विरोध किया। गाजा को लेकर उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति का एकमात्र समाधान फिलिस्तीनियों का ‘प्रवास’ है।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो दुश्मन इजराइल के खिलाफ युद्ध शुरू करेगा, उसे “भारी क्षेत्रीय कीमत” चुकानी होगी।

विंटर ने कहा, “यह वास्तविक नैतिकता है। यही और केवल यही। इसके लिए हम पूरी दृढ़ता के साथ लड़ेंगे।”

‘कम राजनीति, ज्यादा नेतृत्व’

पार्टी लॉन्च के दौरान विंटर ने ‘कम राजनीति, ज्यादा नेतृत्व’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि IDF के वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर उन्होंने देखा कि किस तरह गलत धारणाओं की वजह से पूरी व्यवस्था वैकल्पिक सोच को नजरअंदाज कर देती है।

उनका आरोप था कि इजराइल का नेतृत्व कई बार खतरों को नजरअंदाज करता है, यहां तक कि जब खतरे सीमा के ठीक दूसरी तरफ मौजूद होते हैं।

कार्यक्रम में उनके समर्थक ‘Winter is Coming’ लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे। यह विंटर के नाम के साथ लोकप्रिय टीवी सीरीज Game of Thrones के चर्चित वाक्य की ओर भी इशारा था।

विंटर ने खुद को बताया दक्षिणपंथी खेमे का हिस्सा

विंटर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी दक्षिणपंथी खेमे का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार कभी गश कटिफ से विस्थापित हुआ था। गश कटिफ गाजा में यहूदी बस्तियों का समूह था, जिसे 2005 में इजराइल सरकार ने खाली कराया था।

उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी विचारों के कारण उन्होंने जीवन में व्यक्तिगत कीमत चुकाई है। विंटर ने दावा किया कि उनकी पार्टी “दक्षिणपंथी खेमे का स्पष्ट और निर्णायक हिस्सा” है और वह ज्यादा से ज्यादा जायोनी सहयोगियों के साथ व्यापक दक्षिणपंथी सरकार बनाने की कोशिश करेंगे।

हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का नाम नहीं लिया।

नेतन्याहू ने कहा- ‘वोट बर्बाद मत करें’

विंटर की नई पार्टी के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने छोटे दक्षिणपंथी दलों को लेकर दूसरी बार चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अगर ये पार्टियां चुनाव में न्यूनतम 3.25 फीसदी वोट हासिल नहीं कर पाती हैं तो उनके पक्ष में डाले गए वोट बेकार हो जाएंगे।

नेतन्याहू ने विंटर के साथ-साथ दक्षिणपंथी नेताओं मोशे फेग्लिन और अवी माओज का नाम लेते हुए कहा कि दक्षिणपंथी खेमे में कई नई छोटी पार्टियां बन रही हैं।

उन्होंने कहा, “आज हमारे पास बारिश के बाद उगने वाले तीन मशरूम हैं।” नेतन्याहू ने नए दक्षिणपंथी दलों से मौजूदा पार्टियों में शामिल होने या आपस में एकजुट होने की अपील की।

उनका कहना था कि अगर ये दल इजराइल के भविष्य की चिंता करते हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए।

नेतन्याहू और विंटर के बीच गुप्त मुलाकात का भी दावा

इसी बीच चैनल 13 ने दावा किया कि गाजा युद्ध के शुरुआती महीनों में नेतन्याहू ने विंटर के साथ गुप्त बैठकें की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, ये बैठकें तेल अवीव के निजी अपार्टमेंट में हुई थीं और प्रधानमंत्री ने इसकी जानकारी अपनी कैबिनेट या IDF को नहीं दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन बैठकों में विंटर ने गाजा पर कब्जे से जुड़ी सैन्य योजनाएं नेतन्याहू के सामने रखी थीं।

चैनल 13 ने दावा किया कि इससे संकेत मिलता है कि नेतन्याहू की विंटर की नई पार्टी के खिलाफ मौजूदा आलोचना राजनीतिक कारणों से भी प्रेरित हो सकती है, क्योंकि यह पार्टी लिकुड के कट्टर दक्षिणपंथी समर्थकों के वोट काट सकती है।

विंटर की पार्टी को चुनाव में सीट मिलने की उम्मीद

हाल के कुछ सर्वे में संकेत मिला है कि विंटर की नई पार्टी चुनावी न्यूनतम सीमा पार कर संसद यानी क्नेसट में प्रवेश कर सकती है।

हालांकि, इसके साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि पार्टी के उभरने से रिलिजियस जायोनिज्म पार्टी को नुकसान हो सकता है। इससे नेतन्याहू के समर्थक दक्षिणपंथी गठबंधन की कुल ताकत भी कम हो सकती है।

रिलिजियस जायोनिज्म के नेता बेजलेल स्मोट्रिच ने भी विंटर के राजनीति में आने को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने नई राजनीतिक ‘एडवेंचर’ को खतरनाक बताते हुए कहा कि देश में पहले से पर्याप्त अच्छी पार्टियां मौजूद हैं।

पार्टी में अरब-इजराइली चेहरे को भी जगह

विंटर की पार्टी की खास बात यह है कि उम्मीदवारों की सूची में धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष यहूदियों के साथ-साथ अप्रवासी और अरब नागरिक भी शामिल हैं।

पार्टी के प्रमुख चेहरों में दक्षिणपंथी अरब-इजराइली इन्फ्लुएंसर योसेफ हद्दाद, मारे गए IDF सैनिक सार्जेंट स्टाफ सादिया दरेई की मां लाली दरेई, पूर्व चैनल 13 पत्रकार नताली शेम टोव और 7 अक्टूबर को हमास के हमले में मारे गए अरी ‘एरिक’ क्राउनिक की पत्नी सिगल क्राउनिक शामिल हैं।

इसके अलावा इजराइल बार एसोसिएशन में रूढ़िवादी विपक्षी गुट के नेता एरान बेन-अरी और यरुशलम की पूर्व डिप्टी मेयर फ्लूर हसन-नहूम भी उम्मीदवारों में शामिल हैं।

योसेफ हद्दाद बोले- ‘पहले अरब सुरक्षा कैबिनेट मंत्री बनना चाहता हूं’

पार्टी लॉन्च के दौरान विंटर ने योसेफ हद्दाद का समर्थन किया और उन्हें मंच पर गले लगाया। विंटर ने उन्हें भविष्य का सार्वजनिक कूटनीति मंत्री बनाने की इच्छा जताई।

हद्दाद ने कहा कि इजराइल को ऐसी नई दक्षिणपंथी पार्टी की जरूरत है जो मध्य पूर्व की मानसिकता को समझती हो। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य इजराइल के सुरक्षा कैबिनेट में शामिल होने वाले पहले अरब व्यक्ति बनना है।

उन्होंने विंटर को रक्षा मंत्री बनाने का भी समर्थन किया।

हद्दाद ने इजराइल की अरब राजनीतिक पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि अरब समुदायों को क्नेसट में ऐसे प्रतिनिधियों की जरूरत है जो उनका प्रतिनिधित्व करें, न कि “गाजा, जेनिन और रामल्लाह” का।

कौन हैं ओफर विंटर?

ओफर विंटर पिछले करीब एक दशक से विवादों में रहे हैं। 2014 के गाजा युद्ध के दौरान वह गिवाती ब्रिगेड के कमांडर थे। उस दौरान अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भेजे गए एक पत्र के कारण उनकी आलोचना हुई थी। पत्र में उन्होंने सैन्य अभियान को एक ‘धार्मिक युद्ध’ के रूप में वर्णित किया था।

बाद में उन पर युद्ध से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तत्कालीन अर्थव्यवस्था मंत्री नफ्ताली बेनेट तक पहुंचाने का आरोप भी लगा था, हालांकि उन्होंने सामान्य सैन्य कमांड चैनल को दरकिनार किया था।

विंटर 2024 में सेना से रिटायर हुए, जब उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई थी।

news desk

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