कंधार/ इस्लामाबाद: एयरस्ट्राइक का बदला या नई जंग की शुरुआत? इस्लामाबाद ड्रोन हमले ने बढ़ाई चिंता अफगानिस्तान की तालिबान शासित सरकार ने आज सुबह करीब 11 बजे बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने इस्लामाबाद पर ड्रोन हमला किया है। अफगान रक्षा मंत्रालय और तालिबान के प्रवक्ता अब्दुल्लाह फारूकी के मुताबिक, तालिबान की “एयर फोर्स” ने इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से सिर्फ 5–6 किलोमीटर दूर मौजूद एक सैन्य कैंप और दूसरे मिलिट्री टारगेट्स को निशाना बनाया। तालिबान का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक्स का सीधा जवाब है, जिसे वे “कंधार का बदला” बता रहे हैं।
तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस ऑपरेशन में बेहद खास और एडवांस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिनका संबंध “एटॉमिक फैसिलिटीज” से जुड़े सिस्टम से बताया जा रहा है। तालिबान का दावा है कि इन ड्रोन हमलों में पाकिस्तान के नौशेरा, जमरूद, एबटाबाद और फैसलाबाद जैसे इलाकों में मौजूद मिलिट्री बेस को टारगेट किया गया। अफगान पक्ष के मुताबिक, इन हमलों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है और कई सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। तालिबान का कहना है कि कंधार और काबुल समेत अफगान शहरों पर हुए पाकिस्तानी हमलों का जवाब अब दे दिया गया है।
कुछ सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ड्रोन हमले में रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी हेडक्वार्टर (GHQ) को भी निशाना बनाया गया या उसके आसपास प्रभाव पड़ा। हालांकि, पाकिस्तानी सेना और सरकार ने इसकी कोई पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने एक्स पर पोस्ट किया कि अफगान तालिबान या पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) के छोटे ड्रोन अब्बोटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में लॉन्च करने की कोशिश की गई थीं, लेकिन पाकिस्तानी एंटी-ड्रोन सिस्टम ने सभी को मार गिराया। उन्होंने कहा, “जीवन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।” GHQ या रावलपिंडी पर कोई सीधा हमला नहीं हुआ, लेकिन फैजाबाद इलाका (इस्लामाबाद के करीब) में हमले की खबरों से सैन्य मुख्यालय के आसपास सतर्कता बढ़ गई है।
वहीं Pakistan की तरफ से अब तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उनके एंटी-ड्रोन सिस्टम ने कुछ ड्रोन जरूर मार गिराए, लेकिन इस्लामाबाद में किसी बड़े हमले की बात गलत है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पहले ही दोनों देशों के बीच हालात को “ओपन वॉर” जैसा बता चुके हैं और कह चुके हैं कि अब सब्र की हद पार हो चुकी है।
यह पूरा मामला 2026 में चल रहे Afghanistan–पाकिस्तान तनाव की अब तक की सबसे बड़ी एस्केलेशन माना जा रहा है। फरवरी के आखिर में पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में एयरस्ट्राइक्स की थीं, जिन्हें उसने टीटीपी और ISIS-K के ठिकानों पर सटीक हमला बताया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों को आम नागरिकों पर हमला करार दिया और बदले की बात कही थी।
दोनों देशों के हताहतों के आंकड़े भी अलग-अलग हैं। अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है और कई जवान पकड़े गए हैं, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि अफगान हमलों में उसके 2 सैनिक शहीद और 3 घायल हुए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए।
इस बढ़ते तनाव को लेकर ईरान, रूस और चीन जैसे देशों ने चिंता जताई है। कतर की मध्यस्थता से हुआ सीजफायर भी अब लगभग टूटता नजर आ रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर हालात नहीं संभले, तो यह टकराव पूरे इलाके के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, खासकर तब जब दोनों देश परमाणु शक्ति से लैस हैं।
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