Trending News

ईरान की आर्थिक घेराबंदी: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी ‘लोहे की दीवार’, वैश्विक तेल बाजार में मची हलचल

वाशिंगटन/दुबई। मध्य पूर्व के समुद्र में तनाव की लहरें अब सुनामी का रूप ले रही हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ अपनी समुद्री नाकेबंदी को और अधिक सख्त कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 31 व्यापारिक जहाजों को अपना रास्ता बदलने या वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा है। 13 अप्रैल से शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक व्यापार जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

सैन्य शक्ति का विशाल प्रदर्शन

अमेरिका ने इस नाकेबंदी को महज एक चेतावनी तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि समुद्र में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस ऑपरेशन की भयावहता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

  • सैनिक बल: 10,000 से अधिक अनुभवी सैनिकों की तैनाती।
  • नौसैनिक बेड़ा: 17 से ज्यादा आधुनिक युद्धपोत, जिनमें एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।
  • हवाई पहरा: 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, ड्रोन और निगरानी विमान आसमान से हर हरकत पर नजर रख रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य: थम गई रफ्तार

दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर इस नाकेबंदी का सबसे गहरा असर दिख रहा है। CENTCOM के कड़े रुख के कारण ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से निकलने वाले किसी भी जहाज को अनुमति नहीं दी जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि 30 जून तक हालात सामान्य होने की संभावना न के बराबर है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और ट्रेडिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

कूटनीति पर भारी पड़ता सैन्य दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल समुद्री रास्ता रोकना नहीं है, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति है। हालांकि पर्दे के पीछे सीजफायर और बातचीत की खबरें आती रही हैं, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों और वर्तमान सैन्य सक्रियता ने साफ कर दिया है कि अमेरिका फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है।

“जब तक कोई ठोस कूटनीतिक समझौता नहीं हो जाता, अमेरिकी नौसेना की यह ‘आयरन फिस्ट’ पॉलिसी जारी रहेगी।”

फिलहाल निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की निगाहें वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाली किसी भी संभावित हलचल पर टिकी हैं। लेकिन समुद्र में तैनात 17 युद्धपोत और आसमान में मंडराते अमेरिकी फाइटर जेट्स इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि होर्मुज में शांति की वापसी फिलहाल दूर की कौड़ी है।

news desk

Recent Posts

भारतीय उत्पादों पर नेपाल ने लगा दिया प्रतिबन्ध ? आखिर क्यों भारतीय बाजारों में घटी नेपाली ग्राहकों की भीड़

नई दिल्ली,23 अप्रैल 2026:  भारत-नेपाल सीमा पर व्यापार को लेकर हाल के दिनों में स्थिति…

7 minutes ago

बंगाल चुनाव। मुर्शिदाबाद के रण में भारी तनाव, हुमायूं कबीर और TMC समर्थकों के बीच तीखी भिड़ंत, सुरक्षा बलों से धक्कामुक्की, देखें-वोटिंग मीटर

कोलकाता/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिला एक बार फिर हिंसा…

47 minutes ago

क्या विजय बदल देंगे तमिलनाडु की राजनीति का खेल? स्टालिन की बढ़त लेकिन विजय दे रहे कड़ी टक्कर

चेन्नई,23 अप्रैल 2026: तमिलनाडु की सियासत में इस समय दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा…

59 minutes ago

IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स की ‘रॉयल’ छलांग, इकाना में जीत के साथ हिलाया पॉइंट्स टेबल का समीकरण

लखनऊ: इकाना स्टेडियम में खेले गए सीजन के 32वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने…

2 hours ago

डबल क्राइम: दिल्ली में छात्रा की हत्या से ठीक पहले राजस्थान में भी आरोपी ने किया था ‘कांड’, अलवर कनेक्शन से खुला राज

अलवर/नई दिल्ली। अपराधी की मानसिकता कितनी खौफनाक हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण राहुल मीणा…

2 hours ago