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ईरान पर अमेरिका-इजरायल का सबसे बड़ा हमला: खार्ग द्वीप तबाह,  क्या तेल की कीमतें आसमान छू लेंगी ?

तेहरान/वाशिंगटन, 7 अप्रैल 2026: ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर मंगलवार को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं द्वारा बड़े पैमाने पर हमला किया गया। द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की खबरें आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धुआं उठता दिख रहा है। ईरानी मीडिया ने इसे “भीषण हमला” बताया है।

खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का मुख्य तेल निर्यात हब है, जहां से देश के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमलों की पुष्टि की थी और चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलता तो तेल सुविधाओं को भी नष्ट किया जा सकता है।

हमले की पृष्ठभूमि

यह हमला फरवरी 2026 से चल रहे अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध का हिस्सा है।

  • शुरूआती हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेता मारे गए थे।
  • मार्च 2026 में खार्ग द्वीप पर पहले भी सैन्य ठिकानों (मिसाइल स्टोरेज, माइन्स और नौसैनिक अड्डों) को निशाना बनाया गया था।
  • अमेरिका का दावा है कि हमले में 90 से अधिक सैन्य लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, लेकिन तेल निर्यात सुविधाओं को जानबूझकर बचाया गया।
  • ईरान ने इन हमलों को “आतंकवादी कार्रवाई” बताया है और बदला लेने की कसम खाई है।

वर्तमान स्थिति

ईरानी मीडिया (महर न्यूज एजेंसी) के अनुसार, आज बड़े धमाके दर्ज किए गए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। तेल की कीमतें 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं।

ट्रंप ने ईरान को 8 अप्रैल तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो और भारी हमले किए जाएंगे। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है, जिसके जवाब में इजरायल और अमेरिका लगातार हवाई हमले कर रहे हैं।

खार्ग द्वीप की महत्वता

  • ईरान की आर्थिक रीढ़ — यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल निर्यात होता है।
  • सैन्य ठिकाना — मिसाइल स्टोरेज, नौसेना अड्डा और रक्षा सुविधाएं।
  • रणनीतिक स्थान — फारस की खाड़ी में, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास।

दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया

  • ट्रंप प्रशासन: हमले “सफल” बताए गए। तेल सुविधाओं को बचाकर “ decency” दिखाने का दावा।
  • ईरान: हमलों की निंदा की, बदला लेने की धमकी। क्षेत्रीय देशों से एकजुट होने की अपील।
  • अंतरराष्ट्रीय चिंता: संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

यह युद्ध मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन गया है। दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है और आगे बड़े हमलों की आशंका बनी हुई है।

news desk

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