चेन्नई। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में रविवार रात चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा हो, लेकिन इस मैच के नतीजों से ज्यादा चर्चा एक विवाद की हो रही है। लखनऊ के डगआउट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल ने बीसीसीआई (BCCI) के सुरक्षा प्रोटोकॉल और भ्रष्टाचार विरोधी नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के दौरान कैमरे में एक चौंकाने वाला दृश्य कैद हुआ। लखनऊ सुपर जायंट्स के सपोर्ट स्टाफ का एक सदस्य डगआउट में बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता नजर आया। जैसे ही यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुई, क्रिकेट प्रशंसकों ने फिक्सिंग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर आशंकाएं जतानी शुरू कर दीं। फैन्स अब बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) से इस मामले में कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं।
नियमों की धज्जियां: क्यों बैन है मोबाइल?
आईपीएल के सख्त नियमों के अनुसार, प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी अन्य संचार उपकरण (Communication Device) का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- मकसद: स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों को रोकना।
- प्रोटोकॉल: स्टेडियम पहुंचते ही खिलाड़ियों और स्टाफ को अपने डिवाइस एसीयू अधिकारियों को सौंपने होते हैं।
- खतरा: डगआउट से मैच की संवेदनशील रणनीति या जानकारी का बाहर जाना खेल की शुचिता को प्रभावित कर सकता है।
BCCI का कड़ा रुख और पिछला एक्शन
यह इस सीजन की पहली घटना नहीं है। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैनेजर रोमी भिंडर भी डगआउट में मोबाइल के साथ पकड़े गए थे, जिन पर बीसीसीआई ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
हाल ही में बढ़ते प्रोटोकॉल उल्लंघन को देखते हुए बीसीसीआई ने सभी 10 टीमों को 8 पन्नों की एक नई एडवाइजरी भेजी थी, जिसमें नियमों के पालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके, लखनऊ के डगआउट में फोन का दिखना बोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है।
मैच का हाल: चेन्नई की जीत, लखनऊ बाहर
मैदान पर खेल की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ को पटखनी दी। इस हार के साथ ही लखनऊ सुपर जायंट्स अधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। वहीं, महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई अब अंकतालिका में पांचवें पायदान पर पहुंच गई है और उसकी नजरें टॉप-4 में जगह बनाने पर टिकी हैं।
अब सबकी नजरें बीसीसीआई के आधिकारिक बयान पर हैं। क्या लखनऊ सुपर जायंट्स के उस सदस्य पर भी भारी जुर्माना लगेगा या बोर्ड इस बार और भी सख्त कार्रवाई का मन बनाएगा?