कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में एक समय लखनऊ सुपर जायंट्स की हार तय लग रही थी। आखिरी 4 ओवरों में टीम को 52 रनों की दरकार थी और हाथ में सिर्फ 3 विकेट बचे थे। क्रीज पर थे मुकुल चौधरी, जिन्होंने शुरुआती 8 गेंदों में संघर्ष करते हुए महज 2 रन बनाए थे। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने इतिहास रच दिया।
मुकुल की आतिशबाजी के मुख्य आंकड़े
- अंतिम 4 ओवर का रोमांच: टीम को चाहिए थे 52 रन, मुकुल ने अकेले ठोके 52 रन।
- सिक्सर किंग: अपनी पारी में कुल 7 छक्के जड़े।
- मैच विनिंग शॉट: आखिरी ओवर में धोनी के अंदाज में छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई।
धोनी का ‘हेलीकॉप्टर’ और ईडन गार्डन्स में शोर
मुकुल चौधरी बचपन से ही पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के मुरीद रहे हैं। 17वें ओवर की चौथी गेंद पर जब मुकुल ने सधे हुए अंदाज में ‘हेलीकॉप्टर शॉट’ जमाया, तो स्टेडियम में मौजूद फैंस को धोनी की याद आ गई। मुकुल न केवल धोनी की तरह बल्लेबाजी करते हैं, बल्कि उनकी तरह विकेटकीपर भी हैं और गेम को आखिरी ओवर तक ले जाकर फिनिश करने में विश्वास रखते हैं।
मुकुल का बयान-“मैं 6 साल की उम्र से धोनी सर को देख रहा हूँ। 2011 वर्ल्ड कप का वो विनिंग शॉट मेरे जहन में आज भी ताजा है। मैं हमेशा से उनकी तरह मैच फिनिशर बनना चाहता था।”
2.60 करोड़ का दांव पड़ा सही
जब आईपीएल 2026 के ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने मुकुल चौधरी पर 2.60 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाई थी, तो कई विशेषज्ञों ने हैरानी जताई थी। लेकिन अपनी तीसरी ही आईपीएल पारी में मुकुल ने यह साबित कर दिया कि LSG मैनेजमेंट का फैसला बिल्कुल सही था।
6 साल की उम्र में देखा था सपना
2004 में जन्मे मुकुल ने ईएसपीएन-क्रिकइन्फो को दिए इंटरव्यू में बताया था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून 2011 के विश्व कप से शुरू हुआ। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक पारी को अपने गुरु और आदर्श एमएस धोनी को समर्पित किया है।
क्या भारतीय टीम को मिल गया नया फिनिशर?
मुकुल चौधरी की इस पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आईपीएल में अक्सर युवा खिलाड़ी चमकते हैं, लेकिन जिस दबाव में मुकुल ने ‘धोनी स्टाइल’ में गेम खत्म किया, वह उन्हें भीड़ से अलग करता है। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए मुकुल चौधरी इस सीजन की सबसे बड़ी खोज साबित हो रहे हैं।