बिहार में विधानसभा चुनाव का प्रचार पूरे जोर शोर से चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत तमाम राष्ट्रीय नेता बिहार में मौजूद हैं और इसी बीच चुनाव प्रचार के विवाद में एक शख्स दुलार चंद यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जिसके बाद बिहार की सियासत में कोहराम मच गया.
मामला बिहार के हॉट विधानसभा क्षेत्र मोकामा का है. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया.
दरअसल दुलारचंद यादव बसावनचक गांव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्षी का चुनाव प्रचार कर रहे थे. उसी समय उनके ऊपर हमला कर दिया. इस दौरान हमलावर लाठी डंडों से लैस थे और फायरिंग भी की.
दोपहर लगभग साढ़े 3 बजे जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्षी ने फेसबुक पर लाइव किया. जिसमें उन्होने अपने उपर हमले का जिक्र किया. उन्होने कहा कि ‘गरीब दबने वाला नहीं है. प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है. हम लड़ाई लड़ लेंगे. दुलारचंद यादव को मारा है यह भूलने वाले नहीं हैं. टाल हमारा इलाका है. गुंडागर्दी पर उतरना सही नहीं है. हम भी कमजोर नहीं है.’
वहीं अनंत सिंह ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ‘हम लोग वहां से चुनाव प्रचार करके निकल रहे थे. हमारे काफिले की 10 गाड़ियां पीछे रह गईं थी. जिसपर दुलारचंद के लोगों ने पथराव किया. उसके बाद वहां हंगामा हुआ. इन सबके पीछे सूरजभान का हाथ हैं’
वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पीड़ित पक्ष हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगा रहा है. लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है.
मोकामा में अनंत सिंह और सूरजभान सिंह के आमने सामने होने से चुनाव में हिंसा की आशंका जताई जा रही थी. जिसकी शुरूआत दुलारचंद यादव की हत्या से मानी जा रही है.
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रिया आने लगी है. लोग कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. बिहार में 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान है.