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खामेनेई के निधन पर भारत के शिया धर्मगुरु की तीखी प्रतिक्रिया, अमेरिकी स्ट्राइक को बताया आतंकी हमला

अमेरिका और इज़रायल के दावों के बाद अब ईरान की सेना की प्रमुख इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC), सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) और आधिकारिक चैनल Press TV ने सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के निधन की पुष्टि कर दी है।

बताया गया है कि शनिवार को हुए संयुक्त हवाई हमलों के समय खामेनेई अपने कार्यालय में मौजूद थे। IRGC ने अपने बयान में इसे “सम्मानित शहादत” करार देते हुए शोक व्यक्त किया और कहा कि उनका मार्ग आगे भी जारी रहेगा।

इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर पर भारत के शिया धर्मगुरुओं में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हमारे मजहब में शहादत को सबसे बड़ा मर्तबा हासिल है। हर कोई शहादत की दुआ करता है। अयातुल्ला खामेनेई में भी यही कहा करते थे कि हमारी भी तमन्ना है कि हम शहीद हो। खामेनेई भी उसी तरह जंग लड़ते हुए शहीद हुए हैं। बहुत से उलेमा भी उनके साथ शहीद हुए हैं।

उन्होंने अमेरिका और इजराइल के इस हमले को कायरतापूर्ण बताया है। मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि खामेनेई ने हमेशा मजलूमों का साथ दिया है। जिस तरह खामेनेई का खून बहाया गया है उनका खून कभी रायगा नहीं जाएगा, क्योंकि वो शहीद हुए हैं।

खून के इसी कतरे से इंकलाब पैदा होता है और जालिम उसमें डूब जाते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने खामेनेई को शहीद नहीं किया है खुद अपने डेथ वारंट पर दस्तखत कर दिए हैं। मौलाना ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू की मौत बेहद बत्तरीन मौत होगी। मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने आगे कहा कि उन्होंने खामेनेई की शहादत पर फैसला किया है कि तीन दिन शोक मनाया जाएगा. उन्होंने शिया समुदाय से अपील की है कि इन तीन दिन दिनों शोक मनाएं। अपने कारोबार और दुकानों को बंद रखें।

उन्होंने कहा कि खामेनेई का जाने से इंसानियत का काफी नुकसान हुआ है। क्योंकि वो मजलूमों की आवाज थे, वो अकेले फिलिस्तीन के लोगों के लड़ रहे थे। उनका जाना सिर्फ शिया नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों का नुकसान है।

शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले को आतंकवादी हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका और इजराइल ने पूरी दुनिया को जंग में झोंक दिया है। खाड़ी देशों के हालात ज्यादा खराब हैं। दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इजराइल कैे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और आतंक फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर मजलूम, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे। कोई नहीं जानता कि अब यह झगड़ा दुनिया को कहां ले जाएगा। लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा।

कुल मिलाकर उनके निधन के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि ईरान अब किसी बड़े जवाबी कदम की तैयारी में है। अगर ऐसा होता है तो क्षेत्रीय संघर्ष और तेज हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ सकता है। खासतौर पर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव व्यापक टकराव का रूप ले सकता है। वहीं अमेरिका की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम मानी जा रही है, जिससे हालात और जटिल हो सकते हैं।

अगर कूटनीतिक स्तर पर जल्द पहल नहीं की गई तो यह टकराव लंबी जंग में बदल सकता है। तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल दुनिया यही उम्मीद कर रही है कि बातचीत के रास्ते तनाव को कम किया जाए, वरना आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

news desk

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