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मिडिल ईस्ट के ‘मिसाइल जोन’ में इंडियन नेवी का जलवा! ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ के तहत सुरक्षित निकाले 9,000 करोड़ के जहाज

मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। चारों तरफ से मिसाइल अटैक्स और ड्रोन धमाकों की खबरें आ रही हैं। ऐसे खतरनाक माहौल में जहाँ दुनिया के बड़े-बड़े देश अपने कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं, वहीं “इंडियन नेवी” ने समंदर में अपना असली दम दिखाया है।

मिडिल ईस्ट के इस ‘मिसाइल जोन’ के बीच से भारतीय नौसेना ने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 18 मर्चेंट वेसल्स को बिल्कुल सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस पूरे रेस्क्यू मिशन को नाम दिया गया था— ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’।

9,000 करोड़ का कार्गो और 18 जहाज

रक्षा मंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इन 18 जहाजों पर करीब 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का जरूरी सामान (कार्गो) लदा हुआ था। अगर इनमें से एक भी जहाज किसी मिसाइल या ड्रोन हमले की चपेट में आ जाता, तो न सिर्फ बड़ा आर्थिक नुकसान होता, बल्कि इंटरनेशनल सप्लाई चेन भी पूरी तरह ठप हो जाती। लेकिन इंडियन नेवी ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में सुरक्षा का ऐसा अभेद्य घेरा बनाया कि दुश्मन की कोई भी मिसाइल इन जहाजों को छू तक नहीं सकी।

नेवी सिर्फ वॉरियर नहीं, इकोनॉमिक रक्षक भी है

इस कामयाबी पर गर्व जताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हालिया घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एक जिम्मेदार और हाई-टेक नौसेना किसी भी देश के लिए कितनी जरूरी है। हमारी नेवी अब केवल एक फाइटिंग फोर्स नहीं है, बल्कि यह भारत के आर्थिक हितों  की एक मजबूत बॉडीगार्ड बनकर उभरी है।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि देश का हर नया युद्धपोत भारत के समुद्री भविष्य में किया गया एक बड़ा और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट है।

INS महेंद्रगिरी और ब्रह्मोस का ‘डेडली कॉम्बिनेशन’

इस मिशन के दौरान भारतीय तकनीक और डिफेंस सिस्टम का लोहा पूरी दुनिया ने माना। रक्षा मंत्री ने खासकर INS महेंद्रगिरी का जिक्र किया, जो समंदर में भारत की अभेद्य दीवार बना हुआ है।

इस युद्धपोत पर दुनिया की सबसे तेज और घातक क्रूज मिसाइल ‘BrahMos‘ तैनात की जा सकती है। इसमें लंबी दूरी की ‘सरफेस-टू-एयर’ मिसाइलें (LRSAM) और मल्टीफंक्शन रडार लगे हैं, जो आसमान से आ रहे किसी भी खतरे (ड्रोन या मिसाइल) को मीलों दूर से ही ट्रैक करके हवा में ही उड़ा देते हैं। इसके अलावा इसमें स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट शामिल हैं, जो इसे समंदर के नीचे और ऊपर, दोनों जगह ‘अजेय’ बनाते हैं।

news desk

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