नई दिल्ली। भारत में गर्मी अब सिर्फ एक मौसम नहीं, बल्कि एक जानलेवा आपदा का रूप ले रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 1901 के बाद से 2024 सबसे गर्म साल रहा, जबकि 2025 आठवां सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया। आलम यह है कि पिछले 15 सालों में से 10 साल इतिहास के सबसे गर्म साल रहे हैं।
काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायर्मेंट एंड वॉटर (CEEW) की ‘हाउ एक्सट्रीम हीट इज इम्पैक्टिंग इंडिया’ रिपोर्ट के अनुसार:
रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पिछले एक दशक में दिन के मुकाबले रातें ज्यादा तेजी से गर्म हुई हैं। > “जब रातें ठंडी नहीं होतीं, तो मानव शरीर को दिन भर की गर्मी से उबरने का मौका नहीं मिलता, जिससे ‘हीट स्ट्रेस’ और मौत का खतरा बढ़ जाता है।”
शहरों में कंक्रीट के जाल के कारण ‘अर्बन हीट आइलैंड’ इफेक्ट बढ़ रहा है, जहाँ इमारतें और सड़कें रात में भी गर्मी उगलती रहती हैं।
|NCRB और केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है:मौतें: 2021 में 374 मौतों के मुकाबले 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 804 पहुंच गया।हीटवेव के दिन: उत्तर प्रदेश में 2023 में केवल 6 दिन लू चली थी, जो 2024 में बढ़कर 18 दिन हो गई। दिल्ली में भी यही हाल रहा।
बढ़ती उमस और तापमान के बीच पसीना सूखना बंद हो जाता है, जिससे शरीर का तापमान $37^\circ C$ के पार चला जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही ‘हीट एक्शन प्लान’ पर सख्ती से काम नहीं किया गया, तो आने वाले साल और भी भयावह हो सकते हैं।
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