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IMD का बड़ा अलर्ट: अगले 48 घंटे में मौसम मचाएगा तबाही, 15 राज्यों में भारी बारिश का खतरा!

देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, असम, मेघालय समेत करीब 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब जून के शुरुआती तीन हफ्तों के दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अब मानसून के सक्रिय होने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत मिल सकती है।

आखिर अचानक क्यों बदला मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने अनुकूल सिस्टम, अरब सागर से मिल रही नमी और दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से रुका हुआ मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
IMD का कहना है कि मानसून ने महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में अच्छी प्रगति दर्ज की है। आने वाले दिनों में इसके उत्तर भारत की ओर और आगे बढ़ने की संभावना है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत, खासकर असम और मेघालय में पहले से ही भारी बारिश का दौर जारी है। ऐसे में वहां भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में कब बदलेगा मौसम?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में बादल छाए रह सकते हैं, हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ दिनों से राजधानी में गर्मी और उमस लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी। ऐसे में मानसून की गतिविधियों का उत्तर भारत की ओर बढ़ना राहत भरी खबर माना जा रहा है।

किसानों के लिए राहत या नई चुनौती?

मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है। जून के शुरुआती हिस्से में बारिश की कमी के कारण कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई थी। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दालों जैसी फसलों की खेती समय पर बारिश पर निर्भर करती है।
यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश जारी रहती है, तो बुवाई की रफ्तार बढ़ सकती है और किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।

क्या अब सूखे का खतरा टल गया?

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में जून 2026 को पिछले कई दशकों के सबसे शुष्क जून महीनों में गिना जाने लगा था। कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश ने सूखे की आशंकाओं को जन्म दिया था।
हालांकि मानसून अब सक्रिय हो चुका है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कुछ दिनों की बारिश के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि सूखे का खतरा पूरी तरह टल गया है। जून में हुई वर्षा की कमी को पूरा करने के लिए जुलाई और अगस्त में भी लगातार अच्छी बारिश की आवश्यकता होगी।

फिलहाल देश के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि मानसून फिर से सक्रिय हो चुका है और अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जहां एक तरफ भारी बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और बिजली गिरने जैसी चुनौतियां भी पैदा कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करना बेहद जरूरी होगा।

news desk

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