Trending News

यूरोप में गर्मी बनी ‘साइलेंट किलर’! रिकॉर्ड तापमान से इस साल करीब 10 हजार मौतें, सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर टूटा कहर

नई दिल्ली: यूरोप इस साल भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है, जिसने हजारों लोगों की जान ले ली है। पूरे महाद्वीप से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, रिकॉर्ड तापमान और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण इस वर्ष अब तक करीब 10 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जून के आखिर से शुरू हुई तेज गर्मी ने हालात को और गंभीर बना दिया, जबकि सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर देखने को मिला।

जून के आखिर में तेजी से बढ़ा मौतों का आंकड़ा

अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक जून के अंतिम सप्ताह में यूरोप के कई हिस्सों में तापमान ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया, जिसके बाद मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से होने वाली कई मौतें आधिकारिक रिकॉर्ड में सीधे तौर पर दर्ज नहीं हो पातीं, क्योंकि कई मामलों में मृत्यु का कारण दिल का दौरा या अन्य बीमारी लिखा जाता है।

बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुई गर्मी

विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों या उम्रदराज हों। ऐसे मामलों में गर्मी दिल का दौरा और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र में इसकी सीधी वजह दर्ज नहीं होती।

विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन को बताया बड़ी वजह

डेनमार्क के स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट से जुड़े और यूरोएमओएमओ के समन्वयक लासे वेस्टेरगार्ड ने कहा कि यूरोप के कई देशों में पड़ी भीषण गर्मी ही अतिरिक्त मौतों की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। उनके अनुसार इस अवधि में मौतों में बढ़ोतरी की कोई दूसरी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।

इन देशों में सबसे ज्यादा दिखा गर्मी का असर

यूरोएमओएमओ के मुताबिक फ्रांस, बेल्जियम और जर्मनी में अतिरिक्त मौतों की दर सबसे अधिक दर्ज की गई। जर्मनी के रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार जुलाई की शुरुआत तक गर्मी से सीधे तौर पर 6,830 लोगों की मौत हुई, जिनमें 6,470 लोगों की उम्र 65 वर्ष या उससे अधिक थी।

ब्रिटेन की राष्ट्रीय मौसम एजेंसी के अनुसार मई और जून के दौरान इंग्लैंड और वेल्स में भीषण गर्मी की वजह से करीब 2,700 लोगों की जान गई। फ्रांस में 22 से 28 जून के बीच पिछले सप्ताह की तुलना में करीब 2,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं।

स्पेन की सरकारी निगरानी एजेंसी के मुताबिक देश में गर्मी से करीब 937 लोगों की मौत हुई, जबकि बेल्जियम में 18 जून से 1 जुलाई के बीच सामान्य से 1,747 अधिक मौतें दर्ज की गईं। नीदरलैंड में भी इस वर्ष करीब 480 लोगों की मौत भीषण गर्मी से जुड़ी बताई गई है।

2003 की त्रासदी अब भी सबसे भयावह

यूरोप में वर्ष 2003 की गर्मी अब भी सबसे घातक मानी जाती है, जब भीषण तापमान के कारण लगभग 70 हजार लोगों की जान चली गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता लगातार बढ़ रही है, जिसकी प्रमुख वजह कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का बढ़ता उपयोग है।

एक सप्ताह में 14 हजार से ज्यादा अतिरिक्त मौतें

यूरोएमओएमओ के आंकड़ों के अनुसार 28 जून को समाप्त सप्ताह में सभी कारणों से करीब 14,260 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। इनमें 12 हजार से ज्यादा मृतकों की उम्र 65 वर्ष या उससे अधिक थी। उस सप्ताह कुल 84,583 मौतें दर्ज की गईं, जबकि उससे पहले और बाद के सप्ताहों में यह आंकड़ा काफी

vineet verma

Recent Posts

सलमान के बाद अब आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी! ‘लव जिहाद’ का लगा आरोप

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर्स का कनेक्शन हमेशा सुर्खियों में रहता है। सलमान खान के बाद…

3 minutes ago

41 की उम्र में जेनिफर विंगेट ने कर ली दूसरी शादी? वेडिंग गाउन वाले वायरल वीडियो ने मचाई हलचल, जानिए क्या है पूरा मामला

मुंबई: टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को…

2 hours ago

‘दिल्ली पुलिस नहीं, आरएसएस के गुंडे हैं…’ सोनम वांगचुक मामले पर CJP का बड़ा हमला, अब पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के…

2 hours ago

‘ज़ीरो आवर’ की धमकी से बढ़ा तनाव! ट्रंप के बड़े हमले की चर्चा के बीच ईरान का अलर्ट, क्या खाड़ी में भड़कने वाला है महायुद्ध?

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। एक…

2 hours ago

20 दिन का अनशन… फिर अचानक पुलिस की एंट्री! आखिर क्यों जंतर-मंतर से हटाए गए सोनम वांगचुक? सामने आई बड़ी वजह

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और…

2 hours ago