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कब्र खोदने की ऐसी रेस आपने कभी देखी है? फावड़ा-कुदाल लेकर मैदान में उतरीं 19 टीमें, 81 मिनट में खोद डाली पूरी कब्र

बुडापेस्ट: दुनिया में अजीबोगरीब प्रतियोगिताओं की कमी नहीं है, लेकिन हंगरी में हुई एक प्रतियोगिता ने लोगों का खास ध्यान खींचा। यहां कब्र खोदने की बाकायदा रेस आयोजित की गई, जिसमें 2-2 सदस्यों वाली 19 टीमों ने हिस्सा लिया। कुल 38 लोग फावड़ा-कुदाल लेकर मैदान में उतरे और तय समय में कब्र खोदने की चुनौती पूरी की।

इस मुकाबले में प्रतिभागियों को सिर्फ तेजी नहीं दिखानी थी, बल्कि कब्र का आकार भी तय मानकों के मुताबिक रखना था। प्रतियोगिता का उद्देश्य कब्र खोदने के काम से जुड़ी पेशेवर कुशलता को सामने लाना और मौत से जुड़े काम को लेकर लोगों के मन में मौजूद भ्रम को दूर करना भी बताया गया है।

1 घंटे 21 मिनट में खोद डाली पूरी कब्र

प्रतियोगिता में हर टीम को 80 सेंटीमीटर चौड़ी, करीब 2 मीटर लंबी और 1.6 मीटर गहरी कब्र खोदनी थी। इसके बाद गड्ढे से निकली मिट्टी को वापस उसी में भरकर उसके ऊपर साफ-सुथरा टीला बनाना था।

मुकाबले में रॉबर्ट नागी और उनके साथी लास्जलो ने बाजी मारी। दोनों ने महज 1 घंटे 21 मिनट में तय मानकों के मुताबिक कब्र खोदकर प्रतियोगिता अपने नाम कर ली। जीत के लिए उन्हें करीब 640 डॉलर यानी लगभग 60 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।

क्यों कराई जाती है कब्र खोदने की प्रतियोगिता?

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनोखी प्रतियोगिता का आयोजन हंगेरियन एसोसिएशन ऑफ सिमेट्री मेंटेनर्स एंड ऑपरेटर्स की ओर से किया जाता है। इसका उद्देश्य कब्र खोदने के काम और इससे जुड़ी कुशलता को लोगों के सामने लाना है।

प्रतियोगिता का आयोजन उत्तर हंगरी के न्येर्गेसुजफालु के सार्वजनिक कब्रिस्तान में किया गया। गर्मी के कारण वहां की मिट्टी सूखी और काफी सख्त हो गई थी। ऐसे में प्रतिभागियों के लिए तय आकार की कब्र खोदना आसान नहीं था और उन्हें इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ी।

सिर्फ स्पीड नहीं, सही आकार भी था जरूरी

मुकाबले के दौरान प्रतिभागी तेजी से मिट्टी खोदते नजर आए। पसीने से तरबतर प्रतिभागियों के लिए चुनौती यह भी थी कि जल्दबाजी में कब्र का आकार तय मानकों से न बिगड़े।

विजेता रॉबर्ट नागी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सबसे जरूरी चीज खूबसूरती नहीं, बल्कि गति है। हालांकि अंतिम संस्कार के लिए कब्र खोदते समय उसके सही आकार और अच्छी तरह खोदे जाने का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है।

38 लोगों ने दिखाई कब्र खोदने की अपनी कला

प्रतियोगिता में शामिल सभी 19 टीमों को एक ही तरह के तय मानकों के तहत काम करना था। 38 प्रतिभागियों ने फावड़े और कुदाल से जमीन खोदी और कम से कम समय में चुनौती पूरी करने की कोशिश की।

आखिरकार रॉबर्ट नागी और लास्जलो की जोड़ी ने 1 घंटे 21 मिनट में 1.6 मीटर गहरी, 2 मीटर लंबी और 0.8 मीटर चौड़ी कब्र तैयार कर मुकाबला जीत लिया। इसके साथ ही दोनों ने करीब 60 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी अपने नाम किया।

vineet verma

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