हरमनप्रीत कौर ने अपने पोस्ट में कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने भारतीय टीम के साथ अपने सफर को याद करते हुए कहा कि टीम हमेशा उनके लिए सबसे ऊपर रही और बतौर कप्तान उन्होंने टीम को बेहतर बनाने के लिए कई मुश्किल फैसले भी लिए।
उन्होंने कहा कि वह भारी मन से कप्तानी छोड़ रही हैं, लेकिन इस बात का संतोष है कि भारतीय टीम अब बेहतर हाथों में है। हरमनप्रीत ने अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ, टीम साथियों और परिवार का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में साथ दिया।
हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई भारतीय महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद आया। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की। इसमें हरमनप्रीत के अलावा स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।
हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान भारत को कई अहम मुकाबलों में लीड किया। उनका आखिरी बड़ा अभियान पिछले महीने एशियन गेम्स में रहा, जहां भारत ने लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में गोल्ड मेडल जीता।
हरमनप्रीत ने भारत के लिए 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी की। अब उनके कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला टीम के अगले कप्तान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
कप्तानी से हटने के बावजूद हरमनप्रीत ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट के लिए उनका जुड़ाव और जुनून आगे भी जारी रहेगा। उनके मुताबिक कप्तानी का अध्याय खत्म हुआ है, लेकिन टीम इंडिया के लिए उनकी जिम्मेदारी और प्यार कम नहीं हुआ है।
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