हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में जन सुनवाई के दौरान उस समय एक बेहद भावुक और नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब एक 45 वर्षीय व्यक्ति डीएम के सामने पहुंचा और अपने बैग से इस्तेमाल की हुई सिरिंजों का ढेर जमीन पर फेंक दिया। वह करीब 32 साल से ड्रग्स की लत से जूझ रहा था और अपनी 2 साल की बेटी के भविष्य के लिए इस बुरी आदत से छुटकारा पाना चाहता है।
यह घटना Hapur के जिला कलेक्ट्रेट में चल रही जन सुनवाई के दौरान हुई। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, व्यक्ति अचानक डीएम के सामने पहुंचा और एक बैग खोलकर उसमें रखी इस्तेमाल की हुई सिरिंजें बाहर निकालकर जमीन पर फेंक दीं। इसके बाद वह भावुक हो गया और प्रशासन से मदद की गुहार लगाने लगा।
उसने कहा, “मैं 32 साल से इस नशे का गुलाम हूं। अब मेरी 2 साल की बेटी है। मैं उसके लिए यह सब छोड़ना चाहता हूं। कृपया मेरी मदद कीजिए, मुझे किसी रिहैबिलिटेशन सेंटर या इलाज की जरूरत है।”
व्यक्ति की बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि उस व्यक्ति को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन ने तुरंत दिलाई मेडिकल मदद
जिला प्रशासन की पहल पर व्यक्ति को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसके लिए ड्रग डिटॉक्सिफिकेशन और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने बताया कि उसे सरकार के Nasha Mukt Bharat Abhiyaan के तहत मदद दी जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य देशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज और काउंसलिंग उपलब्ध कराना है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना
जन सुनवाई में हुई इस घटना का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इस व्यक्ति की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि नशा छोड़ने का फैसला आसान नहीं होता, लेकिन अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए यह एक बड़ी और साहसी शुरुआत है।
जिला प्रशासन ने भी कहा है कि जन सुनवाई में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है और नशा मुक्ति के लिए जिले में और ज्यादा जागरूकता अभियान और कैंप लगाए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी घटनाएं समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।