आज सोने और चांदी के बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों और खरीदारों—दोनों को चौंका दिया। कुछ दिन पहले ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे इन कीमती धातुओं में अब अचानक प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और ग्लोबल माहौल में राहत के संकेत मिलते ही बाजार का मूड बदल गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना फ्यूचर्स ₹3,000 से ₹4,000 तक टूटकर करीब ₹1,50,000 से ₹1,52,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ गया, जबकि चांदी में तो गिरावट और भी तेज रही—₹7,000 से ₹16,000 तक फिसलकर अब ₹3,05,000 से ₹3,19,000 प्रति किलो के आसपास ट्रेड हो रही है।
फिजिकल मार्केट में भी यही ट्रेंड दिखा। मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹1,49,000 से ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम के बीच (GST और मेकिंग चार्ज अलग) बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,41,000 से ₹1,43,000 के आसपास है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम ₹229 की गिरावट के साथ ₹15,431 पर पहुंच गया, वहीं चांदी ₹5,000 सस्ती होकर ₹3,25,000 प्रति किलो के भाव पर है। चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु समेत अन्य बड़े शहरों में भी दाम टूटे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो स्पॉट गोल्ड करीब 1% से ज्यादा गिरकर $4,780 प्रति औंस के आसपास और स्पॉट सिल्वर 3–4% की गिरावट के साथ $91–93 प्रति औंस पर आ गया है।
ट्रंप–ग्रीनलैंड कनेक्शन: डर से तेजी, डील से गिरावट
इस अचानक गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड विवाद अहम वजह माना जा रहा है। कुछ दिन पहले ट्रंप ने यूरोपीय संघ के 8 देशों पर 10% टैरिफ लगाने और जून तक इसे 25% तक बढ़ाने की धमकी दी थी, अगर वे अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण देने में सहयोग नहीं करते। आर्कटिक क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर दी गई इस चेतावनी से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा और निवेशक सेफ-हेवन यानी सोना-चांदी की ओर भागे। नतीजा यह हुआ कि गोल्ड $4,800+ और सिल्वर $95+ प्रति औंस तक पहुंच गया।
लेकिन आज तस्वीर बदल गई। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि NATO सहयोगियों के साथ ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर एक “फ्रेमवर्क डील” हो गई है और प्रस्तावित टैरिफ रद्द कर दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, डॉलर मजबूत हुआ और निवेशकों का रुझान फिर से शेयर बाजार की ओर बढ़ गया। अमेरिकी शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी दिखी—डाउ जोन्स 700 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाता नजर आया—और वहीं सोना-चांदी में भारी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की बयानबाजी से बाजार में जो “जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम” बना था, वह फिलहाल खत्म होता दिख रहा है। भारत जैसे देश में, जहां सोना न सिर्फ निवेश बल्कि सांस्कृतिक जरूरत भी है, यह गिरावट शादी और त्योहारों से पहले खरीदारी का मौका दे सकती है, हालांकि उतार-चढ़ाव अभी जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए फिलहाल सलाह यही है कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें और स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें। लॉन्ग टर्म में गोल्ड $4,750 के आसपास के स्तर को फिर से टेस्ट कर सकता है, लेकिन फेड की ब्याज दरें, महंगाई के आंकड़े और ट्रंप की अगली घोषणाएं बाजार की दिशा तय करेंगी। चांदी पर इंडस्ट्रियल डिमांड का असर ज्यादा रहता है, इसलिए शेयर बाजार मजबूत रहने पर इसमें और दबाव आ सकता है। बाजार अभी भी अस्थिर है, ऐसे में लेटेस्ट अपडेट के लिए MCX और भरोसेमंद फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखें और निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना न भूलें।