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जर्मन ट्रैवलर ने भारत के 4 शहरों को दी सेफ्टी रेटिंग, बेंगलुरु निकला आगे; मुंबई-पुणे को 8, लोनावला को मिले 7.5 नंबर

बेंगलुरु: भारत घूमने आईं जर्मनी की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर एलिस ने करीब 20 दिनों के सफर के दौरान चार शहरों में सोलो महिला ट्रैवलर के तौर पर अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बेंगलुरु, पुणे, लोनावला और मुंबई की सुरक्षा को 10 के पैमाने पर रेट किया। उनकी रेटिंग में बेंगलुरु 9 अंकों के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि पुणे और मुंबई को 8-8 अंक मिले। लोनावला को 7.5 अंक दिए गए।

एलिस ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बेंगलुरु से की थी। इसके बाद वह पुणे, लोनावला और मुंबई पहुंचीं। 18 सितंबर को मुंबई से रवाना होने से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर करीब एक मिनट का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इन शहरों में अकेले यात्रा के दौरान महसूस की गई सुरक्षा के बारे में अपना अनुभव बताया।

बेंगलुरु में सबसे ज्यादा सहज महसूस किया

एलिस ने बेंगलुरु को 10 में से 9 अंक दिए। उन्होंने बताया कि शहर में घूमने के दौरान उन्हें काफी सहज महसूस हुआ। उनके मुताबिक, यात्रा के दौरान किसी ने उनसे असहज तरीके से बातचीत नहीं की और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ा।

उन्होंने वहां के लोगों के व्यवहार को भी दोस्ताना और मददगार बताया। अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर एलिस ने चारों जगहों में बेंगलुरु को सबसे ज्यादा अंक दिए।

पुणे में भी अच्छा रहा सोलो ट्रैवल का अनुभव

एलिस ने पुणे को 10 में से 8 अंक दिए। उनके दौरे के दौरान शहर में त्योहार का माहौल था और काफी भीड़ भी थी। ऐसे माहौल में अकेले यात्रा कर रही महिला के लिए अनजान जगहों पर घूमना अलग अनुभव हो सकता है।

हालांकि, एलिस के मुताबिक उन्हें पुणे में किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। भीड़ के बावजूद उनका अनुभव अच्छा रहा और उन्होंने शहर को अपने लिए सुरक्षित महसूस किया।

मुंबई में इलाके के हिसाब से बदलता है अनुभव

मुंबई को भी एलिस ने 10 में से 8 अंक दिए। हालांकि, उन्होंने शहर की सुरक्षा को लेकर एक अहम बात कही। उनके मुताबिक, मुंबई में अनुभव इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप शहर के किस इलाके में हैं।

इसके बावजूद एक महिला यात्री के तौर पर उन्हें मुंबई कुल मिलाकर सुरक्षित लगा। शहर की भीड़, स्थानीय जीवन और अलग-अलग इलाकों के बीच यात्रा करने के बावजूद उन्होंने किसी बड़ी परेशानी का जिक्र नहीं किया।

लोनावला को मिले 7.5 अंक

एलिस की सूची में लोनावला को 7.5 अंक मिले। चारों जगहों में यह सबसे कम रेटिंग थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उन्हें वहां कोई खराब अनुभव हुआ।

एलिस ने बताया कि लोनावला में उन्हें बहुत ज्यादा विदेशी या पर्यटक नजर नहीं आए। इसके बावजूद उन्हें घूमने के दौरान किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उनकी रेटिंग उनके व्यक्तिगत अनुभव और बाकी जगहों के साथ तुलना पर आधारित थी।

वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

एलिस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही लोगों ने उनकी रेटिंग पर अपनी राय देनी शुरू कर दी। खास तौर पर बेंगलुरु को 9 और मुंबई-पुणे को 8 अंक देने को लेकर यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए।

कुछ लोगों ने उनकी रेटिंग को अपने अनुभव के मुताबिक सही बताया, जबकि कुछ इससे सहमत नहीं दिखे। अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के बीच यह बात भी सामने आई कि किसी शहर में सुरक्षा को लेकर एक व्यक्ति का अनुभव दूसरे व्यक्ति से काफी अलग हो सकता है।

एक यूजर ने कैब ड्राइवरों को लेकर साझा किया अनुभव

एक यूजर ने बेंगलुरु को सुरक्षित बताते हुए अपने साथ हुई एक अलग परेशानी का जिक्र किया। उसने दावा किया कि शहर में कुछ छोटी उबर कैब के ड्राइवर ज्यादा पैसे लेने के लिए लंबा रास्ता चुनते हैं।

यूजर ने बताया कि ऐसे अनुभवों की वजह से उसे कई बार परेशानी हुई और उसे फ्लाइट छूटने की चिंता होने लगी थी। हालांकि, यह उस व्यक्ति का निजी अनुभव और दावा है, जिसे शहर के सभी कैब ड्राइवरों पर लागू नहीं किया जा सकता।

दिल्ली-NCR को लेकर भी आया एक कमेंट

एक अन्य यूजर ने गुजरात, ओडिशा, केरल, मंगलुरु और नॉर्थ-ईस्ट के इलाकों में घूमने के अपने अनुभव का जिक्र किया। इसी टिप्पणी में उसने उत्तर प्रदेश और बिहार के बारे में भी अपनी राय साझा की।

यूजर ने दिल्ली और गुरुग्राम को लेकर सुरक्षा पर बेहद अतिरंजित टिप्पणी की और वहां जाते समय हथियार साथ रखने जैसी बात कही। यह केवल सोशल मीडिया पर एक यूजर की व्यक्तिगत टिप्पणी थी। इसे एलिस की राय या किसी आधिकारिक सुरक्षा सलाह के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

कुछ यूजर्स ने रेटिंग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

एलिस की रेटिंग से सभी यूजर्स सहमत नहीं थे। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के कुछ सबसे सुरक्षित शहरों की यात्रा नहीं की और फिर भी शहरों को रेटिंग दे दी।

इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि सोशल मीडिया पर किसी शहर की सुरक्षा का आकलन केवल एक यात्री के अनुभव के आधार पर नहीं किया जा सकता। अलग-अलग यात्रियों की परिस्थितियां, यात्रा का तरीका और व्यक्तिगत अनुभव अलग हो सकते हैं।

भारत यात्रा को लेकर एलिस का अनुभव रहा सकारात्मक

अपने वीडियो में एलिस ने चारों जगहों पर यात्रा के दौरान किसी बड़े हादसे या गंभीर परेशानी का जिक्र नहीं किया। उनकी दी गई रेटिंग उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है और इसे इन शहरों की आधिकारिक या व्यापक सुरक्षा रेटिंग नहीं माना जा सकता।

फिर भी एलिस के वीडियो ने भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के अनुभव, सोलो महिला यात्रियों की सुरक्षा और अलग-अलग भारतीय शहरों को देखने के नजरिए पर सोशल मीडिया में चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

vineet verma

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