लेटिजिया पिलैजी के अंग्रेजी उपन्यास द थॉट इटसेल्फ का विमोचन बुधवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक निजी पांच सितारा होटल में किया गया। कार्यक्रम के दौरान लेखिका ने उपन्यास की विषयवस्तु और अपने जीवन अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि यह उपन्यास आत्म-खोज, स्त्री-अस्मिता और आध्यात्मिक जागरण की संवेदनशील यात्रा को दर्शाता है। उपन्यास की नायिका फ्रांसेस्का लिनारेलो के माध्यम से इटली के कैलाब्रियन गांव से अमेरिका, भारत और हिमालय तक की भावनात्मक एवं आध्यात्मिक यात्रा का चित्रण किया गया है।
पिलैजी ने कहा कि यह उपन्यास जल्द ही हिंदी पाठकों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह पर्वतारोहण और महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रही हैं।
एवरेस्ट से लेकर किताब तक लेटीजिया का कैसा रहा सफर
लेटिज़िया पिलेगी ने अपनी साहित्यिक कृति ‘द थॉट इटसेल्फ’ से साहित्य जगत में पदार्पण किया है। इसमें उन्होंने एक महाकाव्य जीवन के उतार-चढ़ावों को खूबसूरती से पिरोते हुए एक काल्पनिक ताने-बाने को रचा है, जो उनकी स्वयं की आत्म-साक्षात्कार की यात्रा को प्रतिबिंबित करता है।
अपने जीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए और संस्मरण की सीमाओं से परे जाकर, पिलैजी ने विकास के बारे में एक अंतरंग लेकिन व्यापक कथा का सृजन किया है।
एक उत्साही पर्वतारोही होने के नाते, उन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेकिंग की है और माउंट किलिमंजारो की चोटी पर चढ़ाई की है, ये अनुभव उनके काम के भौतिक और आध्यात्मिक दोनों पहलुओं को आकार देते हैं।
महिला सशक्तिकरण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखने वाली पाइलेगी भारत, नेपाल, फिलीपींस और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान, लचीलापन, आध्यात्मिक संप्रभुता और आंतरिक शक्ति की पुनः प्राप्ति जैसे विषयों पर भाषण देती हैं।