सियासी

दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरके सिंह ने बिहार में फोड़ा ‘सियासी बम’! जनता से की सम्राट चौधरी समेत इन नोताओं को वोट न देने की अपील?

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच दोनों गठबंधनों में नाराजगी देखी जा रही है. महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर विवाद देखा जा रहा है तो एनडीए में भी सीट शेयरिंग का मसला फंसा हुआ है. इसी बीच बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरके सिंह ने सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट कर दिया जिसने बीजेपी के भीतर मचे घमासान को उजागर कर दिया.

आरके सिंह ने एक विस्फोटक बयान देकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. उन्होंने बिहारवासियों से अपील की है कि वो अपराधी पृष्ठभूमि या भ्रष्टाचारी उम्मीदवारों को वोट न दें, भले ही वो उनकी अपनी जाति के हों. इस सूची में NDA और RJD दोनों के उम्मीदवार शामिल तो हैं ही बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम भी है.

आरके सिंह ने दीवाली पर फोड़ा सियासी बम ?

दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “यदि आप बिहार और अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल देखना चाहते हैं तो मेरा निवेदन है कि किसी भी अपराधिक पृष्ठभूमि वाले अथवा भ्रष्ट व्यक्ति को वोट न दें. यदि सभी प्रत्याशी भ्रष्ट या अपराधिक हैं तो नोटा को वोट दें” उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार को बिहार के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया. सिंह ने कई नेताओं के नाम लिख कर उन्हे जनता से वोट न देने की अपील भी की. जिसमें कई बाहुबली हैं तो बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हैं.

सिंह ने कहा, “इन लोगों को वोट करने से बेहतर होगा चुल्लू भर पानी में डूब मरना. अपराधी और भ्रष्ट नेता जनता का खून चूस रहे हैं”

बगावत की चर्चा, BJP के लिए असहज स्थिति

सिंह का यह बयान भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, क्योंकि उन्होंने अपनी ही पार्टी के कई उम्मीदवारों, खासकर सम्राट चौधरी, पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सम्राट चौधरी, जो बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं, जिनपर प्रशांत किशोर ने भी हाल ही में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगाया था. जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने हाल ही में सम्राट चौधरी पर भ्रष्टाचार और उम्र प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था. पीके ने दावा किया कि ‘चौधरी ने अपने जन्म प्रमाणपत्र में हेराफेरी की और इसकी वजह से वो जमानत पर हैं’.

सिंह का अपनी पार्टी के खिलाफ खुलकर बोलना अब ‘बगावत’ के रूप में देखा जा रहा है. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष को दर्शाता है, खासकर उन नेताओं के खिलाफ जो अपराधी छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने के पक्ष में हैं.

अभी कुछ दिन पहले भी आरके सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी. लेकिन बाद में माना गया कि पार्टी से उनके मतभेद सुलझ गए हैं. लेकिन बीच चुनाव में उनका ये पोस्ट बताता है कि उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई है.

news desk

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