नई दिल्ली: सोमवार को अपनी बेबाकी और साहसिक फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले कन्नन गोपीनाथन, 2012 बैच के AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश–गोवा–मिज़ोरम–यूनियन टेरिटरीज) के पूर्व IAS अधिकारी, ने औपचारिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.
कांग्रेस में शामिल होने की जताई खुशी
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कन्नन ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, ‘मैंने 2019 में नौकरी से इस्तीफा दिया और तब ये पता था कि सरकार देश को जिस दिशा में लेकर जा रही है, वह रास्ता गलत है. मुझे यह भी पता था कि इस ‘गलत’ के खिलाफ लड़ना है.’
उन्होंने आगे बताया कि इस्तीफे के बाद उन्होंने देश के 80-90 जिलों का दौरा किया, जनता से बातचीत की और विभिन्न नेताओं से मुलाकात की. इन अनुभवों से उन्हें यह समझ आया कि कांग्रेस पार्टी ही देश को सही दिशा में ले जा सकती है. उन्होंने कहा, ‘हम बहुत समय बाद प्रजा से नागरिक बने थे, क्योंकि हमें सवाल पूछने का हक है. मगर हमने यह भी देखा कि इस सरकार में जो भी सवाल पूछता है, उसे देशद्रोही बता दिया जाता है. मुझे काफी वक्त लगा, लेकिन खुशी है कि आज मैं कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हूं और मुझे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा.’
कौन हैं कन्नन गोपीनाथन ?
कन्नन गोपीनाथन एक पूर्व IAS अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और उसके बाद लगाए गए प्रतिबंधों के विरोध में सेवा से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से वे लगातार सामाजिक और नागरिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखकर सुर्खियों में रहे.