जहां एक ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक तनाव बढ़ा रखा है, वहीं ईरान और अमेरिका के बीच भी टकराव की आशंकाएं जताई जा रही हैं। इसी बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव तेज होता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच सीमा क्षेत्रों में रातभर झड़पें होने की खबर है। तालिबान की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए। तालिबान प्रवक्ता का दावा है कि काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया गया, हालांकि उनके अनुसार इन हमलों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग रुख सामने आया है। इस्लामाबाद ने सीमा पार से हमलों और आतंकी गतिविधियों के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक कथित जलते हुए विमान का वीडियो भी साझा किया है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और किसी भी हमले का जवाब देने की ताकत रखती है। पाकिस्तान की ओर से 133 अफगान सैनिकों को मार गिराने का दावा भी किया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर बताया जा रहा है, हालांकि जमीनी हालात की स्पष्ट तस्वीर आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी।ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि NATO सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी के बाद उम्मीद की जा रही थी कि देश में स्थिरता आएगी और तालिबान सरकार अफगान नागरिकों के हितों तथा क्षेत्रीय शांति पर ध्यान देगी।
हालांकि, उनका आरोप है कि तालिबान ने इस दिशा में कदम बढ़ाने के बजाय अफगानिस्तान को अस्थिरता की ओर धकेल दिया। आसिफ ने दावा किया कि अफगान धरती पर विभिन्न आतंकी संगठनों को पनाह दी जा रही है और वहां से आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान भारत के प्रभाव में काम कर रहा है।
‘तालिबान भारत का प्रॉक्सी बन गया’
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अफगान प्रशासन ने अपने ही नागरिकों को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित कर दिया है। विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें वे अधिकार नहीं दिए जा रहे, जो इस्लाम प्रदान करता है।
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने हालात को सामान्य करने के लिए प्रत्यक्ष और मित्र देशों के माध्यम से कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं रहीं। उनके अनुसार, अब स्थिति खुली टकराव की ओर बढ़ रही है।
‘अब सब्र की हद हो गई’
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले कई दशकों में लाखों अफगान शरणार्थियों को शरण दी है और आज भी बड़ी संख्या में अफगान नागरिक पाकिस्तान में रहकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि पाकिस्तान को निशाना बनाया गया तो उसकी सेना जवाब देने में सक्षम है। उनका कहना था कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है और आवश्यक हुआ तो कड़ा कदम उठाया जाएगा।