फडणवीस शिंदे विवाद महाराष्ट्र राजनीति
एक तरफ निकाय चुनाव वहीं दूसरी तरफ शिंदे-फडणवीस विवाद हर गुज़रते दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है ! चर्चा में हैं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे का वो बयान जिसमे उन्होंने रावण वाला तंज़ कसा था . वहीं अब सीएम फडणवीस ने कहा की लंका तो हम जलाएंगे. क्या फडणवीस-शिंदे की लड़ाई BJP-शिवसेना गठबंधन को नुकसान पहुंचाएगी?
महाराष्ट्र की सियासत हर गुज़रते दिन के साथ और भी ज़्यादा गहराती जा रही है. वजह है मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच बढ़ रहा तनाव जो अब खुलकर सामने आ रहा है.
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने एक रैली के दौरान बीजेपी पर खुलकर निशाना साधते हुए रावण वाला तंज कसा था वही अब सीएम फडणवीस ने शिंदे पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग हमारे बारे में बुरा बोलते हैं, उन्हें नज़रअंदाज़ करें. वे कह सकते हैं कि वे हमारी लंका जला देंगे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लंका तो हम जलाएंगे क्योंकि हम भगवान श्रीराम को मानने वाले हैं. देवेंद्र फडणवीस आमतौर पर विवादित मामलों पर टिप्पणी कम ही देते हैं. लेकिन उन्होंने शिंदे के बयान पर कुछ इस तरह प्रतिक्रिया दी.
महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन के दरमियान टकराव की स्थिति साफ नज़र आ रही है. आरोप है कि नेताओं को तोड़कर अपने दलों में शामिल कराया जा रहा है. मतभेद से जुड़े मामले इस हद तक बढ़ चुके हैं कि पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह तक ये मामला पहुंचा गया था. उम्मीद जताई जा रही थी कि ये मामला सुलझ जाएगा क्योंकि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं. चुनाव का वक्त भी काफी नज़दीक रहा है लेकिन उसी के साथ बयानबाज़ी का दौर भी शुरू हो गया है इस गठबंधन में.
एक तरफ एकनाथ शिंदे का बयान, जहाँ उन्होंने भाजपा की तुलना रावण से की वहीं दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन लोगों को नज़रअंदाज़ करें जो हमारे बारे में कुछ भी बोलते हैं. वे कह सकते हैं कि हमारी लंका जलाएंगे. लेकिन हम तो लंका में नहीं रहते. हम भगवान राम के अनुयायी हैं, रावण के नहीं. चुनाव के दौरान ऐसी बातें बोली जाती हैं, इन्हें दिल से न लें. इसके आगे उन्होंने कहा कि हम जय श्री राम बोलने वाले लोग हैं. हमने राम मंदिर पर धर्मध्वजा लहराई है. हम भगवान राम की पूजा करने वाली पार्टी के लोग हैं. लंका तो हम जलाएंगे.
आपको बता दें कि पालघर जिले में नगर पंचायत और नगर निकाय के चुनाव के लिए आयोजित एक रैली के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने ये बातें कहीं. इसी जिले में प्रचार करते हुए एकनाथ शिंदे ने रावण वाली बात कही थी, हालांकि इस दौरान शिंदे ने भाजपा का नाम नहीं लिया था. शिंदे ने कहा था कि रावण भी अहंकारी था और उसकी लंका भी जल गई थी. आपको भी 2 दिसंबर को ऐसा ही करना है.
सूत्रों के अनुसार भाजपा ने शिवसेना के कुछ नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया है. यही वजह है शिवसेना की नाराज़गी की.
फिलहाल महाराष्ट्र में चुनाव का वक्त बेहद नज़दीक है और ऐसी स्थिति में राज्य की सरकार में तनाव. सवाल उठता है कि आखिर ये मामला कब और कैसे सुलझेगा और इस परेशानी का निकाय चुनाव पर क्या असर पड़ेगा. महाराष्ट्र की जनता सरकार पर कैसे यकीन रख पाएगी जब खुद सरकार में ही इतनी तल्खियां हैं तो. सरकार के खुद के मुद्दे जब तनाव से घिरे हैं तो आखिर कैसे जनता के मुद्दों का हल निकलेगा.
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