कुछ हफ्ते पहले अमेरिका के न्याय विभाग ने ऐसा खुलासा किया, जिसने सत्ता और दौलत के गलियारों में भूचाल ला दिया। कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े लाखों गोपनीय दस्तावेज़ एक साथ सार्वजनिक कर दिए गए। ये वही नाम है, जिससे जुड़ते ही दुनिया के सबसे ताक़तवर और रसूख़दार लोग असहज हो जाते हैं।
एपस्टीन फाइल्स के सामने आते ही दुनिया भर में राजनीतिक, कारोबारी और राजशाही हलकों में हलचल मच गई। इन दस्तावेज़ों में कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल नाम सामने आए हैं। नतीजतन, कुछ लोगों को अपने पद छोड़ने पड़े हैं, जबकि कई के खिलाफ जांच और आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई है। कुछ हस्तियों ने पहली बार इस मामले पर सार्वजनिक रूप से चुप्पी तोड़ी है।
ब्रिटेन में लेबर पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने एपस्टीन से कथित संपर्कों को लेकर उठे विवाद के बीच पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वहीं, इंटरनेशनल लॉबिंग फर्म ग्लोबल काउंसल के प्रमुख बेंजामिन वेग-प्रॉसर ने भी पद छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्म के पुराने संपर्कों को लेकर उन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।
अमेरिका में नामी लॉ फर्म पॉल वाइस (Paul, Weiss) के चेयरमैन ब्रैड कार्प ने भी एपस्टीन से जुड़े संबंधों के खुलासे के बाद अपने पद से हटने का फैसला किया है। इसे अमेरिकी कानूनी जगत की एक बड़ी घटना माना जा रहा है।
इस बीच ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। एपस्टीन फाइल्स में नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इससे पहले उनसे शाही उपाधियाँ छीनी जा चुकी हैं और शाही परिवार से जुड़े कई चैरिटी संगठनों से भी उन्हें हटा दिया गया था।
अब ताज़ा घटनाक्रम में प्रिंस एंड्रयू को आधिकारिक विंडसर आवास से बेदखल कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला किंग चार्ल्स तृतीय के निर्देश पर लिया गया है। गौरतलब है कि प्रिंस एंड्रयू, किंग चार्ल्स के छोटे भाई हैं, लेकिन लगातार विवादों के चलते शाही परिवार ने उनसे दूरी और सख्त कर दी है। हालांकि, प्रिंस एंड्रयू पहले ही एपस्टीन से जुड़े आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
जांच और समीक्षा के दायरे में कई नाम
इनके अलावा यूरोप के कुछ पूर्व राजनयिकों और नीति-निर्माताओं के नाम भी फाइल्स में सामने आए हैं, जिन पर फिलहाल औपचारिक जांच, आंतरिक समीक्षा या राजनीतिक दबाव की स्थिति बनी हुई है। कई मामलों में संबंधित व्यक्तियों ने किसी भी तरह की गलत गतिविधि से इनकार किया है।
कानूनी स्थिति क्या है?
अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि एपस्टीन फाइल्स में किसी का नाम होना अपने आप में आपराधिक आरोप नहीं माना जा सकता। फिलहाल इन खुलासों के आधार पर किसी नए आपराधिक मुकदमे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और दस्तावेज़ सार्वजनिक हो सकते हैं, जिससे और नाम सामने आने की संभावना है। ऐसे में यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक और राजनीतिक जवाबदेही का भी बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
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