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एपस्टीन फाइल्स रिलीज़: नामी हस्तियां, भारी रेडैक्शन और ‘क्लाइंट लिस्ट’ पर छिड़ी नई बहस

अमेरिका के न्याय विभाग ने शुक्रवार को लंबे समय से चर्चा में रही जेफरी एपस्टीन जांच से जुड़े दस्तावेजों की पहली खेप सार्वजनिक कर दी है। यह रिलीज ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत अनिवार्य थी, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में हस्ताक्षर किए थे। कानून के मुताबिक 19 दिसंबर तक सभी अनक्लासिफाइड रिकॉर्ड्स जारी होने थे, लेकिन विभाग ने साफ किया है कि यह पूरी रिलीज नहीं है और बाकी दस्तावेज अगले कुछ हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे। हजारों पन्नों और सैकड़ों तस्वीरों वाली इन फाइलों को अब मीडिया और जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासों की उम्मीद है।

एपस्टीन फाइल्स में क्या-क्या सामने आया

जारी दस्तावेजों में जेफरी एपस्टीन से जुड़े फोटो, ईमेल, जांच रिपोर्ट्स और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड शामिल हैं। इनमें कई नामी हस्तियों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की घिस्लेन मैक्सवेल के साथ स्विमिंग पूल और हॉट टब की तस्वीरें चर्चा में हैं। इसके अलावा माइकल जैक्सन, क्रिस टकर, डायना रॉस, मिक जैगर और रिचर्ड ब्रैनसन जैसे बड़े नाम भी दस्तावेजों में दिखाई देते हैं। हालांकि न्याय विभाग ने साफ किया है कि किसी का नाम या फोटो सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उसने कोई अपराध किया हो, और कई मामलों में तस्वीरों का संदर्भ भी स्पष्ट नहीं है।

रेडैक्शन, गोपनीयता और बढ़ता विवाद


इन फाइलों में भारी रेडैक्शन किया गया है। करीब 1,200 से अधिक पीड़ितों या उनके परिजनों की पहचान छिपाने के लिए कई नाम और जानकारियां काली कर दी गई हैं। कुछ दस्तावेज तो पूरी तरह ब्लैक आउट हैं, जिनमें न्यूयॉर्क ग्रैंड ज्यूरी की गवाही से जुड़े 119 पन्नों के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच का कहना है कि यह सब कानून के तहत और पीड़ितों की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके बावजूद डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना और सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने इस रिलीज को अधूरा बताते हुए ट्रंप प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी रेडैक्शन पर आपत्ति जताई है।

ट्रंप प्रशासन की चुनौती और आगे क्या


यह मामला ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। कई रिपब्लिकन नेता और समर्थक लंबे समय से कथित “एपस्टीन क्लाइंट लिस्ट” की मांग कर रहे थे, लेकिन न्याय विभाग ने साफ कहा है कि ऐसी कोई अलग सूची मौजूद नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि नई फाइलों में राष्ट्रपति ट्रंप का नाम बहुत कम बार सामने आया है, जिससे व्हाइट हाउस को कुछ राहत मिली मानी जा रही है, हालांकि उनकी कुछ पुरानी तस्वीरें और ईमेल पहले से सार्वजनिक हैं। न्याय विभाग का कहना है कि एपस्टीन से जुड़े कुल सैकड़ों हजारों दस्तावेज हैं और इन्हें रोलिंग बेसिस पर जारी किया जाएगा। ऐसे में साफ है कि यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले हफ्तों में एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिकी राजनीति में हलचल और तेज हो सकती है।

news desk

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