Trending News

अफगानिस्तान में फिर कांपी धरती, 5.5 तीव्रता के भूकंप से दहशत; कुछ दिन पहले भी आए थे तेज झटके

काबुल: अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार बुधवार को देश के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित जुर्म क्षेत्र के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि देर रात तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई।

जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 216.7 किलोमीटर गहराई में स्थित था। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक गहराई होने की वजह से सतह पर कंपन का असर सीमित रहा और बड़े नुकसान की आशंका कम हुई।

गहरी गहराई पर आया भूकंप, इसलिए कम महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई सामान्य घटनाओं की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई। ऐसे मामलों में ऊर्जा सतह तक पहुंचने में कमजोर पड़ जाती है, जिससे कई बार तीव्रता ज्यादा होने के बावजूद असर सीमित रहता है। हालांकि पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा।

भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है अफगानिस्तान

अफगानिस्तान दुनिया के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं। इसकी मुख्य वजह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रिय सीमा पर इसका स्थित होना है।

उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान और हिंदू कुश पर्वतीय क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। यहां आने वाले झटके कई बार पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और भारत के उत्तरी इलाकों तक महसूस किए जाते हैं।

कुछ दिन पहले भी आया था 6.2 तीव्रता का तेज भूकंप

इससे पहले 27 जून को भी उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय भी भूकंप का केंद्र जुर्म क्षेत्र के पास और जमीन के भीतर करीब 208 किलोमीटर की गहराई पर था।

उस भूकंप के झटके अफगानिस्तान के अलावा पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों तक महसूस किए गए थे। कई इलाकों में लोगों ने इमारतों में कंपन महसूस होने की जानकारी दी थी।

हाल के वर्षों में झेल चुका है भारी तबाही

अफगानिस्तान पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े और विनाशकारी भूकंपों का सामना कर चुका है। सितंबर 2025 में आए शक्तिशाली भूकंप में शुरुआती आंकड़ों के मुकाबले बाद में मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी और हजारों लोग प्रभावित हुए थे।

इससे पहले अक्टूबर 2023 में पश्चिमी हेरात प्रांत के आसपास आए लगातार भूकंपों ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 2000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। उस आपदा को देश के सबसे विनाशकारी प्राकृतिक संकटों में गिना गया था।

 

vineet verma

Recent Posts

शाहजहांपुर के मंदिर में दो साधुओं की हत्या, फिर शवों को चिता पर जलाया, मंदिर में रहने को लेकर विवाद का शक

शाहजहांपुर।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शिव मंदिर के अंदर दो साधुओं की हत्या के बाद…

1 hour ago

फ्लाईदुबई फ्लाइट के यात्रियों के लिए इजराइल ने भेजा विमान, सऊदी अरब ने क्यों ठुकराई मांग?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट…

2 hours ago

राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश का बड़ा दावा, BJP के कई विधायक संपर्क में; तीसरे प्रत्याशी पर बोले- गिनती पूरी होने दें

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी…

2 hours ago

व्हाट्सएप बिजनेस उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से लागू हो रहे नए मैसेजिंग चार्ज, जानिए आप पर क्या पड़ेगा असर

भारत में छोटे से लेकर बड़े बिजनेस तक, सर्विस प्रोवाइडर्स अपने ग्राहकों से सीधे संवाद…

2 hours ago

1 अक्टूबर से लागू होने वाले 10 बड़े बदलाव, देखिए पूरी लिस्ट

अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई वित्तीय और रोजमर्रा से जुड़े…

2 hours ago