नई दिल्ली: धन, वैभव, प्रेम और भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक माने जाने वाले शुक्र ग्रह 3 अक्टूबर 2026 से अपनी ही राशि तुला में वक्री हो रहे हैं। ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता के अनुसार, शुक्र के वक्री होने पर उनकी ऊर्जा बाहर की बजाय भीतर की ओर केंद्रित मानी जाती है। इसका असर धन, रिश्तों और प्रेम संबंधों पर पड़ सकता है। कुछ लोगों के पुराने प्रेम संबंध दोबारा सामने आ सकते हैं, जबकि वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका जताई गई है। खर्च बढ़ने और कारोबारी सौदों पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्र 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:45 बजे वक्री होंगे और 14 नवंबर 2026 को सुबह 5:57 बजे तक वक्री अवस्था में रहेंगे। इस तरह शुक्र करीब 42 दिनों तक वक्री रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों को अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं, जबकि 5 राशियों के लिए यह अवधि चुनौतीपूर्ण रह सकती है।
मेष राशि वालों के लिए शुक्र की वक्री चाल खर्च बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इस दौरान बजट का ध्यान रखना और गैरजरूरी खर्चों से बचना बेहतर रहेगा। प्रेम संबंध या वैवाहिक जीवन में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है, जिससे पार्टनर के साथ मनमुटाव होने की आशंका है।
सिंह राशि वालों के रिश्तों पर शुक्र की वक्री चाल का नकारात्मक असर पड़ने की बात कही गई है। बातचीत के दौरान आपके मुंह से निकली कोई कड़वी बात सामने वाले को बुरी लग सकती है। खासतौर पर कार्यक्षेत्र में व्यवहार को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। बिना पूरी तरह सोचे-समझे कोई फैसला लेने से बचें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि बड़े खर्च का कारण बन सकती है। इस दौरान किसी बड़े कर्ज की जरूरत पड़ सकती है या कोई व्यक्ति आपसे बड़ी रकम उधार मांग सकता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, पैसा जाने या उसके अटकने की स्थिति बन सकती है। इस दौरान अपनी सेहत का भी ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
मकर राशि वालों के लिए शुक्र की वक्री चाल नौकरी और कारोबार में परेशानी बढ़ा सकती है। वरिष्ठ अधिकारी से विवाद या किसी ग्राहक के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बातचीत के दौरान संयम बरतना जरूरी होगा। किसी भी कारोबारी समझौते या दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच कर लें।
मीन राशि वालों के वैवाहिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। साझेदारी से जुड़े मामलों में भी परेशानी आने की आशंका जताई गई है। इस दौरान धैर्य से काम लेने की सलाह दी गई है। कोई पुरानी बात या छिपा हुआ राज सामने आ सकता है, इसलिए जरूरी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहतर होगा।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए हर शुक्रवार मां लक्ष्मी की पूजा करें और घी का दीपक जलाएं। पूजा में खीर या दूध से बनी मिठाई अर्पित करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा रोजाना ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने की बात कही गई है। रोज इत्र लगाने और साफ-सुथरे कपड़े पहनने को भी शुक्र से जुड़े उपायों में शामिल किया गया है।
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