Trending News

‘डेनमार्क, अब समय आ गया है’: ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर चेतावनी दी, अगले कदम क्या होंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मामले में अपने कदम पीछे खींच लिए हैं, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर उनका कड़ा रुख अब भी जारी है। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा बयान देकर फिर हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने ट्वीट किया “NATO पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क को बता रहा है कि आपको रूसी खतरे को ग्रीनलैंड से दूर करना होगा। दुर्भाग्यवश, डेनमार्क इसके लिए कुछ नहीं कर सका। अब समय आ गया है, और यह किया जाएगा!”

ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि वे ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं। अब वे अपने नाटो (NATO) सहयोगियों पर आर्थिक दबाव डाल रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अगर डेनमार्क और उसके साथी देश ग्रीनलैंड की खरीद-बिक्री पर बातचीत के लिए तैयार नहीं हुए, तो उन्हें इसका आर्थिक भुगतान करना होगा।

उन्होंने 1 फरवरी, 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर 1 जून तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह टैक्स 25% कर दिया जाएगा। बता दे कि बर्फ से ढकी सड़कों और कड़ाके की ठंड के बीच शनिवार को नुुक में ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जो ग्रीनलैंड के इतिहास में पहले कभी नहीं दिखा।

हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बढ़ते दबाव के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई, जिसमें वे ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की बात दोहरा रहे हैं। इसे अब तक का सबसे बड़ा समन्वित विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है” लिखे पोस्टर और ग्रीनलैंडिक भाषा में नारे-पूरे शहर में एक ही संदेश गूंज रहा था।

जब सड़कों पर उतरा पूरा नुक

पुलिस और आयोजकों के मुताबिक, नुुक की कुल आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा इस मार्च में शामिल हुआ, जो 20 हजार से भी कम आबादी वाले शहर के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

लोग शहर के केंद्र से अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक मार्च करते नजर आए। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन भी इस विरोध में शामिल हुए और एक मौके पर बर्फीली ढलान पर चढ़कर झंडा फहराया, जिस पर भीड़ ने तालियों के साथ उनका समर्थन जताया। इसी तरह के प्रदर्शन ग्रीनलैंड के अन्य शहरों में भी हुए, जबकि कोपेनहेगन और डेनमार्क के दूसरे शहरों में भी एकजुटता रैलियां निकाली गईं।

news desk

Recent Posts

कल बैंक जाने का बना रहे हैं प्लान ? पहले पढ़ लें ये खबर वरना हो सकती है परेशानी

नई दिल्ली: देशभर में 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को बैंक कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल होने…

5 hours ago

कानपुर लैंबोर्गिनी कांड में नए खुलासे: CCTV कुछ और बता रहा, परिवार कुछ और—आखिर कार चला कौन रहा था?

कानपुर के चर्चित “लैंबोर्गिनी कांड” में जांच आगे बढ़ने के साथ हर दिन नए सवाल…

8 hours ago

स्टेज पर गरजीं ‘गुलाबी क्वीन’! बदतमीजी देख जैस्मीन सैंडलस ने बीच में रोका दिल्ली कॉन्सर्ट, कहा- “सेफ्टी पहले, गाना…

बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की क्वीन सिंगर जैस्मीन सैंडलस (Jasmine Sandlas) एक बार फिर…

9 hours ago

संसद में राहुल गांधी ने बताया-इंडिया गठबंधन होती तो ट्रंप को कैसे देती मुंह तोड़ जवाब

नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने…

9 hours ago

टी20 वर्ल्ड कप : मैच टाई… फिर सुपर ओवर… फिर दूसरा सुपर ओवर ! और आखिर में किस्मत से हारा अफगानिस्तान

कहते हैं क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है-यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। और…

10 hours ago

अब विदेशी AI पर निर्भरता कम होगी: Sarvam Vision और Bulbul v3 के साथ ‘Sovereign AI’ की दिशा में भारत की बड़ी छलांग

भारतीय स्टार्टअप्स अब सिर्फ ग्लोबल ट्रेंड्स को फॉलो नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें लीड भी…

10 hours ago